ग्राम पंचायत डठवाड़ा में हुई घटना, तीन बच्चों के साथ अंगीठी जलाकर बंद कमरे में सोये थे पति-पत्नी
15 वर्षीय बेटा धर्मेंद्र गंभीर हालत में पीजीआई रेफर, तीन खतरे से बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। जिले की ग्राम पंचायत डठवाड़ा में वीरवार को एक ही परिवार के पांच लोग कमरे में अचेत अवस्था में मिले हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला दंपती और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। प्रवासी परिवार लंबे समय से क्षेत्र में रहकर दिहाड़ी-मजदूरी का काम करता था। मंगलवार रात के समय पूरा परिवार कमरे में अंगीठी जलाकर बैठा था। बाद में जली अंगीठी छोड़कर दरवाजा बंद कर पूरा परिवार सो गया। अगली सुबह जब परिवार का कोई सदस्य नहीं उठा तो आसपास रहने वाले अन्य प्रवासी मजदूरों ने पुलिस व रिश्तेदारों को फोन किया। किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला तो पूरा परिवार अचेत अवस्था में पड़ा था। प्रवासी परिवार में हरिचरण (45), उनकी धर्मपत्नी बंटी देवी (40), तीन बच्चों में धर्मेंद्र (15), करण (10) और बेटी पिंकी (13) निवासी उद्यैती जिला बदायूं उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इनमें से धर्मेंद्र को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जबकि, अन्य का इलाज क्षेत्रीय अस्पताल में जारी है।
बताया जा रहा कि वीरवार सुबह प्रवासी श्रमिक जब काम पर निकलने लगे तो उन्होंने अपने एक साथी हरिचरण के कमरे से किसी प्रकार की कोई भी हरकत का न होना पाया। कमरे का दरवाजा खटखटाया गया लेकिन अंदर से किसी भी प्रकार का उत्तर न आने पर उन्होंने तुरंत हरिचरण की बेटी और दामाद को इस मामले की सूचना दी और पंचायत प्रतिनिधियों को भी मौके पर बुलाया। लोगों ने जब कमरे का दरवाजा खोल कर देखा तो सभी लोग अंदर अचेत अवस्था में पड़े थे। जबकि, कमरे में काफी ज्यादा उल्टियां भी की गई थीं। लोगों को मामले को समझने में देर नहीं लगी और उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस के माध्यम से पांचों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि परिवार ने रात को सोते समय अपने कमरे में सर्दी से बचने के लिए अंगीठी जलाई। संभवत: इसी से पैदा हुई कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की चपेट में आने के चलते सभी लोग अचेत हो गए।
एक सप्ताह के भीतर दूसरा हादसा
एक सप्ताह में जिले में एक तरह का दूसरा हादसा है। इससे पहले बीते रविवार को जलग्रां गांव में अंगीठी व हीटर जलाकर सोये पिता-पुत्र के कमरे से शव मिले थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से भी लोगों को हिदायत दी गई कि अंगीठी व हीटर का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। इस बीच वीरवार तो दोबारा ऐसी घटना हुई। दोनों मामलों में एक और समानता है कि यह प्रवासी मजदूरों के साथ घटी हैं। स्पष्ट है कि जागरूकता की कमी के कारण प्रवासी बंद कमरों में अंगीठी व हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनकी मौत तक हो रही है।
कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर संजय मनकोटिया ने बताया कि ग्राम पंचायत डठवाड़ा से गंभीर हालत में लाए गए प्रवासी परिवार में दो की हालत गंभीर थी। इनमें से एक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है, जबकि दूसरे का यहीं इलाज चल रहा है। तीन लोग खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति रात को सोते समय अपने कमरे में इस तरह की अंगीठी जलाने से परहेज करें। यह जानलेवा हो सकता है।