गोंदपुर बनेहड़ा (ऊना)। गगरेट क्षेत्र की तहसील घनारी के तहत ग्राम पंचायत गोंदपुर बनेहड़ा स्थित महात्मा के तालाब में लगातार मछलियों के मरने से आसपास का वातावरण दुर्गंधयुक्त हो गया है। तालाब के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने पर संक्रमण और अन्य बीमारियां फैलने की आशंका जताई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि तालाब में मछलियों की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी बताया जा रहा है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त तैयारी और दूरगामी परिणामों पर विचार किए तालाब में मछलियां छोड़ी गईं, जिससे अब यह धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का तालाब दुर्गंध और गंदगी का केंद्र बन गया है।
ग्रामीणों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने तालाब में मछलियां छोड़े जाने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे तालाब की गरिमा प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि सड़ रही मछलियों से वातावरण प्रदूषित हो रहा है और यदि इन्हें शीघ्र नहीं हटाया गया तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मृत मछलियों को तत्काल हटाने, तालाब की वैज्ञानिक तरीके से सफाई कराने और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
साथ ही भविष्य में किसी भी परिस्थिति में महात्मा के इस तालाब में मछलियां न छोड़े जाने की मांग भी उठाई है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।