ऊना। मियां हीरा सिंह राज्य सहकारी प्रशिक्षण केंद्र एवं बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन पंजावर के निर्माण के लिए हिमाचल सरकार ने ढ़ाई करोड रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है।
वर्तमान में लोक निर्माण विभाग मंडल हरोली भवन के निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया में जुट गया है और इसके लिए जी-एनआईटी टेंडर लगाने की प्रक्रिया के लिए दस्तावेज हमीरपुर भेज दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग मंडल हरोली के अधिशासी अभियंता इंजीनियर बलदेव सिंह ने बताया कि यहां पर मियां हीरा सिंह राज्य सहकारी प्रशिक्षण और बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन पंजावर में तीन ब्लाॅकों का निर्माण किया जाएगा। इसमें एक ब्लॉक मल्टीपर्पज हॉल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, दो अन्य ब्लॉक ट्रेनिंग सेंटर के रूप में स्थापित किए जाएंगे। मल्टीपर्पज हॉल में एक साथ 500 के तकरीबन कुर्सियाें पर बैठने की क्षमता होगी और इस मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को भी तमाम तरह के कार्यक्रमों के आयोजन करवाने को पर्याप्त सुविधा मुहैया होगी।
इसके अलावा दो अन्य ट्रेनिंग सेंटरों का निर्माण होने से वहां पर एकेडमिक, प्रिंसिपल, प्रशिक्षु सहित उनके खाने-पीने रहने और ठहरने की भी तमाम तरह की व्यवस्थाएं सुसज्जित होंगी। तकरीबन 10 करोड रुपये की लागत से इसका निर्माण कार्य किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर जिला कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राणा रणजीत सिंह मनकोटिया ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र विकास के हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां पर तमाम तरह की सुविधा इलाकावासियों को मुहैया करवाने की दिशा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दिन-रात अथक प्रयास कर रहे हैं।
गांव पंजावर में गठित हुई थी देश की पहली सहकारी सभा
हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में सहकारी सभाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश को देश में सहकारिता संस्थापक राज्य होने का गौरव प्राप्त है। देश की पहली सहकारी सभा वर्ष 1892 में प्रदेश के ऊना जिले के गांव पंजावर में गठित की गई थी। तब से लेकर आज तक सहकारिता आंदोलन ने केवल समुदायों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में बदलाव लाया है। बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं एवं युवाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान किए हैं।
प्रथम चरण में विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन पूरा
सहकारी सभाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रथम चरण में राज्य के सभी जिलों में राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम के अन्तर्गत समेकित सहकारी विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन पूरा कर लिया है। राज्य सरकार की संस्तुति पर राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम ने समेकित सहकारी विकास परियोजनाओं का दूसरा चरण तीन वर्षों के लिए 3546.71 लाख रुपये की संघटित लागत के साथ बिलासपुर, हमीरपुर और सिरमौर जिलों में आरम्भ करने की स्वीकृति प्रदान की है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम ने राज्य सरकार की संस्तुतियों पर इन परियोजनाओं का दूसरा चरण हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, शिमला तथा कुल्लू तीन और जिलों के लिए अगले तीन वर्षों के लिए स्वीकृत किया है, जिसकी संघटित लागत 8170.64 करोड़ रुपये है।