ऊना। जिला मुख्यालय से सटे लाल सिंगी गांव में चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बीते 19 नवंबर को हुए बहुचर्चित आशु पुरी हत्या मामले में पांच महीने बाद भी आरोपियों के बयान दर्ज नहीं हुए। बताया जा रहा कि आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस को मेडिकल बोर्ड के गठन का इंतजार है। बोर्ड द्वारा मामले के तमाम पहलू और घायल आरोपियों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जाएगा। अगर बोर्ड आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लायक पाता है तो उसी अनुसार पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
जानकारी के अनुसार ऊना पुलिस की ओर से मेडिकल कॉलेज टांडा के विशेषज्ञों को बोर्ड गठन का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि इसपर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है। बीते 19 नवंबर, 2025 को लाल सिंगी क्षेत्र में संतोषगढ़ निवासी आशु पुरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद आशु पुरी के साथियों ने गोली चलाने के आरोपी परमिंद्र सिंह निवासी सनोली व उसके साथी पुरजिंद्र सिंह उर्फ पिंदू पर तेजधार हथियारों से कई वार किए। हमले में दोनों को सिर, चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई। तब से वर्तमान तक दोनों आरोपी पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन हैं। बताया जा रहा कि घायल दोनों आरोपियों के स्वास्थ्य में पहले के मुकाबले सुधार है। ऐसे में अब पुलिस जांच मेडिकल बोर्ड गठन और उसकी रिपोर्ट पर अटकी है। बता दें कि तेजधार हथियारों से हमला करने वाले आशु पुरी के साथियों आकाश निवासी बहडाला सहित सात अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। वहीं गोली चलाने वाले पक्ष से ही एक आरोपी गुरजीत मान को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि आशु पुरी हत्या मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्या के दो आरोपी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनके स्वास्थ्य में पहले के मुकाबले सुधार है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।