ऊना। अटल वर्दी योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली स्मार्ट वर्दियों के सैंपलों की जांच के बिना ही स्कूल प्रबंधनों ने इसका वितरण कर दिया है। इससे एक तरफ तो शिक्षा विभाग के निर्देशों की स्कूल प्रबंधनों ने धज्जियां उड़ा दी हैं तो दूसरी ओर सैंपलों की जांच के बिना ही वर्दियों का वितरण करने से स्कूल प्रमुख व स्टाफ विभागीय कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं।
अगर बांटी वर्दियों में किसी प्रकार की खामी पाई गई तो स्कूल प्रबंधकों पर बिना निर्देशों के वर्दियां बांटने के खिलाफ विभागीय गाज गिर सकती है। इसके साथ शिक्षा विभाग ने विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने पर भी काफी नाराजगी व्यक्त की है। जिले में ऐसे कई स्कूल हैं, जिन्होंने बिना सैंपल जांच रिपोर्ट के ही विद्यार्थियों को वर्दियां बांट दी हैं। शिक्षा विभाग ने पहले ही साफ शब्दों में निर्देश जारी किए थे कि स्कूल प्रबंधन वर्दियों का स्टॉक तब तक विद्यालय में ही रखेंगे जब तक ब्लॉक स्तर के सैंपलों की सकारात्मक जांच रिपोर्ट शिमला से वापस नहीं आ जाती। इन नियमों का उल्लंघन करने पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
बिना जांचे नहीं बांटी जा सकती वर्दी : राणा
उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन वर्दियों को बिना सैंपलों की जांच रिपोर्ट के बिना नहीं बांट सकते। अगर जांच में सैंपल की नकारात्मक रिपोर्ट आती है तो स्कूल प्रबंधन पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
वर्दियां बांटने पर बन रहा राजनीतिक दबाव
सूत्रों के अनुसार अटल वर्दी योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली स्मार्ट वर्दियों के वितरण पर राजनीतिक दलों द्वारा स्कूल प्रमुखों पर दबाव बनाया जा रहा है। राजनीतिक पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता प्रचार के लिए स्कूल में पहुंचकर सरकारी वर्दियों का आवंटन कर रहे हैं। इससे शिक्षा के मंदिर भी राजनीति का शिकार हो रहे हैं। इसका सीधा असर देश के भविष्य विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ रहा है।