दुलैहड़ (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र बाथू में प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी करने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन स्टोन क्रशर इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। बोर्ड ने हिम केमिकल्स एंड एलाइड इंडस्ट्रीज, हिमाचल केमिकल्स एंड सिलिकेट वर्क्स की यूनिट-एक और यूनिट-दो की बिजली आपूर्ति तत्काल काटने के आदेश जारी किए हैं। तीनों इकाइयों को उत्पादन बंद रखने और जनरेटर या ऊर्जा के किसी अन्य स्रोत से भी संचालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड के संयुक्त सदस्य सचिव डॉ. गोपाल चंद गौतम ने 14 अक्तूबर को आदेश जारी कर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष और हरोली विद्युत मंडल के अधिशासी अभियंता को बिजली आपूर्ति काटने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अनुपालना रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह कार्रवाई क्षेत्रीय कार्यालय ऊना की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच के दौरान धूल नियंत्रण के उपकरण खराब, कन्वेयर बेल्ट की ढकाई अधूरी और अन्य व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।
बोर्ड के अनुसार, स्टोन क्रशर इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों की जांच के लिए जून से सितंबर तक निरीक्षण किए गए। दो जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। संबंधित इकाइयों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया जबकि क्रशर प्रबंधन ने 25 सितंबर को खमियों का दूर करने का दावा किया था।
संचालन सहमति भी हो चुकी थी समाप्त
हिमाचल केमिकल्स एंड सिलिकेट वर्क्स की यूनिट-दो के मामले में प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में खामियों के साथ संचालन की वैध सहमति का मामला सामने आया। बोर्ड के आदेश के अनुसार, इकाई की संचालन सहमति 12 अगस्त को समाप्त हो गई थी। निरीक्षण के समय नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा क्रशरों की बिजली काटने के आदेश शनिवार को ही मिले हैं। जल्द ही बोर्ड के दिशा-निर्देशानुसार बताए गए क्रशरों की बिजली काट कर रिपोर्ट बोर्ड के आलाधिकारियों को भेज देंगे।
- राहुल पुरी, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड हरोली