बंगाणा कार्यकारी एसडीएम अमित कुमार निजी बसों का निरीक्षण करते। संवाद
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कई बसों में अग्निशामक यंत्र की अवधि समाप्त तो कहीं फर्स्ट एड बॉक्स पाया अधूरा
खामियों को तुरंत दूर करने के दिए कार्यकारी एसडीएम ने दिए निर्देश
उपमंडल बंगाणा में निजी स्कूल बसों की सख्ती से जांच
बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : अमित शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कार्यकारी एसडीएम अमित शर्मा के नेतृत्व में सोमवार को क्षेत्र के विभिन्न निजी स्कूलों की बसों का औचक निरीक्षण किया गया। कई बसों में अग्निशामक यंत्र की अवधि समाप्त पाई गई तो कुछ में फर्स्ट एड बॉक्स अधूरा पाया गया। इन खामियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहनता से जांच की गई। बसों की फिटनेस, वैध परमिट, बीमा दस्तावेज, चालकों की योग्यता, फायर सेफ्टी उपकरण, प्राथमिक उपचार किट, स्पीड गवर्नर की स्थिति और ओवरलोडिंग जैसे बिंदु शामिल रहे। एसडीएम अमित शर्मा ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी स्कूल प्रशासन मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो बसों को सीज कर जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निजी स्कूल बसें अब प्रशासन की ओर से पूर्व में जारी की गई एडवाइजरी के अनुरूप ही संचालित होंगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे भी किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित स्कूल को नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निरीक्षण अभियान में प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हंसराज, परिवहन विभाग के अधिकारी और पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। संयुक्त टीम ने प्रत्येक बस की बारीकी से जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बंगाणा उपमंडल में वर्तमान में एक दर्जन से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं। कई दूरदराज के क्षेत्रों से बच्चों को स्कूल लाने के लिए बस सेवाओं पर निर्भर हैं। हाल के दिनों में स्कूल बसों की स्थिति को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। एसडीएम अमित शर्मा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की निरीक्षण प्रक्रिया अब नियमित रूप से जारी रहेगी ताकि हर बस मानकों पर खरी उतर सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।