सनोली मजारा मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सुनते हुए ग्रामीण।संवाद
मैहतपुर (ऊना)। सनोली मजारा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को व्यासपीठ से कथावाचक अतुल कृष्ण शास्त्री ने महाभारत काल के प्रेरक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि द्रुपद कन्या द्रौपदी साधारण स्त्री नहीं थीं, बल्कि यज्ञ से उत्पन्न मां भगवती जगदंबा का ही रूप थीं, जिन्होंने अधर्मियों के नाश के लिए जन्म लिया था।
शास्त्री ने एक प्रसंग सुनाया, जिसमें भीमसेन ने युधिष्ठिर को द्रौपदी के चरण दबाते देखा और इस रहस्य को जानने के लिए श्रीकृष्ण से पूछा। श्रीकृष्ण ने उन्हें घने जंगल में ले जाकर यह साक्षात दिखाया कि द्रौपदी वास्तव में मां काली का स्वरूप हैं। कथावाचक ने महाभारत के अन्य प्रसंग भी सुनाए, जिनसे उपस्थित जनमानस ने कथा का रसपान किया। इस अवसर पर प्रोफेसर हजारी लाल शर्मा, डॉ. महेंद्र गोपाल शास्त्री, मास्टर शिव कुमार धीमान, सुभाष चंद्र भारद्वाज, प्रिंसिपल बीके शर्मा समेत अनेक भक्त उपस्थित रहे।