कहा, सांप के डसने पर घबराने के बजाय संयम रखना जरूरी
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में सर्पदंश पर किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्रीय अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरुकता दिवस पर जिलास्तरीय जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले लगातार बढ़ जाते हैं। लोगों को इनसे बचाव के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 19 सितंबर को सर्पदंश जागरूकता दिवस मनाया जाता है। सांप के डसने से घाव होने के साथ-साथ विषाक्तता भी हो सकती है, जो कई बार मृत्यु तक का कारण बन जाती है। कुछ ही मिनटों में पीड़ित की जान तक जा सकती है। हालांकि अधिकांश सांप विषहीन होते हैं, लेकिन कुछ प्रजातियां अत्यंत विषैली भी होती हैं।
सांप के डसने पर आमतौर पर दंश स्थल पर तीव्र जलन, उल्टी, मिचली, शॉक, अकड़न या कंपकपी, अंगघात, पलकों का गिरना और दोहरी दृष्टि जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सांपों का खतरा अधिकतर लंबी घास, पत्तों के ढेर, चट्टानों तथा लकड़ी के गट्ठों के आसपास होता है। इसलिए ऐसी जगहों पर काम करते समय लंबे और मजबूत जूते पहनना चाहिए तथा हाथ-पांव को ढककर रखना चाहिए। बरसात के मौसम में अंधेरे में नंगे पांव न चलें और जूते पहनने से पहले अच्छी तरह झाड़ लें। गर्म मौसम में रात के समय बाहर काम करने से भी बचें क्योंकि इस दौरान सांप अधिक सक्रिय रहते हैं।
बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने बताया कि सांप के डसने पर घबराने के बजाय संयम रखना जरूरी है, ताकि हृदयगति तेज न हो। हृदयगति तेज होने पर जहर जल्द फैल सकता है। किसी भी तरह की झाड़-फूंक में समय न गंवाकर पीड़ित को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं।इस अवसर पर आशा समन्वयक सुनील कुमार और विभिन्न खंडों की आशा वर्कर भी उपस्थित रहीं।