एक विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन और दूसरा नियमित रूप से अस्पताल में दे रहा सेवाएं
पंचकर्म की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए प्रबंधन ने शुरू की कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में अस्पताल में दो पंचकर्म विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो गई है। इसमें एक चिकित्सक तीन दिन के डेपुटेशन और एक महिला चिकित्सक नियमित रूप से सेवाएं देंगी। इसके साथ ही पंचकर्म कक्ष का भी विस्तार किया जा रहा है। इससे अब आने वाले दिनों में मरीजों को पंचकर्म की बेहतर सुविधाएं लोगों को मिलना शुरू हो जाएंगी। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में सुविधाएं और स्टाफ को बढ़ाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल में डेपुटेशन पर दो विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात किया गया है। डाॅ. डीएस दहल और डाॅ. पल्लवी शामिल हैं। यह दोनों ही चिकित्सक पंचकर्म के विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा अग्निकर्म, जोंक थैरेपी सहित क्षार सूत्र के लिए भी प्रशिक्षित डॉक्टर तैनात हैं। ऐसे में अब अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या दो से बढ़कर चार हो गई है। मरीजों को अब अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। जिता आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी की सुविधा के अलावा आईपीडी की सुविधा भी मुहैया करवाई जाती है। इससे पहले अस्पताल में प्रभारी डॉ. विनय जसवाल और डाॅ. अमन ही स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहे थे। ऐसे में अब चार चिकित्सकों की तैनाती के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। पहले दो चिकित्सकों के सहारे अस्पताल में व्यवस्थाएं बनाने के लिए स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इससे मरीजों को भी परेशानी होती थी। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में विभिन्न क्षेत्रों से लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल में रोजाना 60 से 100 मरीजों की ओपीडी रहती है।
कोट्स
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में डेपुटेशन के आधार पर दो चिकित्सकों की तैनाती हुई है। इससे मरीजों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। आने वाले समय नए उपकरण मिलने के बाद पंचकर्म की सुविधा का भी विस्तार किया जाएगा।
डाॅ. विनय जसवाल, प्रभारी जिला आयुर्वेदिक अस्पताल ऊना