हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने पंजाब की तर्ज पर इनीशियल पे देने की मांग उठाई है। महासंघ के जिला अध्यक्ष भूपिंद्र सिंह एवं महासचिव रमेश ठाकुर ने संयुक्त बयान में कहा कि पंजाब में कुछ कर्मचारियों के वर्ग में 1 जनवरी 2006 से वेतनमान में विसंगतियां पैदा हुई थीं।
वह पंजाब सरकार ने 15 दिसंबर 2011 को अधिसूचना जारी करके अपने कर्मचारी वर्ग की 1 दिसंबर 2011 से नया वेतनमान देकर दूर कर दी थीं। पूर्व हिमाचल सरकार ने एक अक्तूबर 2012 से ग्रेड पे तो लागू कर दी, लेकिन इनीशियल पे कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर लागू नहीं की गई। इस वजह से प्रदेश के कर्मचारियों को वित्तीय घाटा सहन करना पड़ रहा है। महासंघ ने हिमाचल सरकार से शीघ्र प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर 1 दिसंबर 2011 से इनीशियल पे देने की मांग की है, जिससे सरकार पर ज्यादा वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा और बहुत बड़ी मात्रा में कर्मचारियों को लाभ मिल पाएगा।
उन्होंने यह भी मांग की कि 15 मई 2003 के बाद नियुक्त एवं नियमित हुए कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन लाभ प्रदान किए जाएं तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वर्दी भत्ता भी बढ़ाया जाए, जो पिछले कई सालों से 190 रुपये प्रति माह चल रहा है तथा सभी कर्मचारियों को 1998 सीए भी दो सौ रुपये ही दिया जा रहा है। इन दो भत्तों को भी प्रदेश सरकार बढ़ाए।