समूर कलां स्थित संप्रेक्षण गृह एवं विशेष गृह का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त जतिन लाल।स्रोत विभाग
बाल कल्याण समिति की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की
समिति की त्रैमासिक बैठक में अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक बैठक जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त जतिन लाल ने की। इस दौरान बाल कल्याण समिति की ओर से किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित कोई भी मामला समिति के संज्ञान में आते ही तुरंत उनके ध्यान में लाया जाए, ताकि समय पर उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। जुलाई से सितंबर 2024 के दौरान स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर (वात्सल्य) योजना के तहत चार प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। समिति ने इन प्रस्तावों का निरीक्षण कर सभी मामलों को अनुमोदित कर जिला बाल संरक्षण अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है। इसके अलावा फोस्टर केयर योजना के तहत सहायता प्राप्त कर रहे 40 बच्चों के घरों और स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया है।
बैठक के बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर ऊना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खाली पड़े पदों के संबंध में जानकारी ली और निर्माणाधीन नए भवन की प्रगति का भी जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा संप्रेक्षण गृह एवं विशेष गृह संस्थान समूर कलां का दौरा किया। वहां उन्होंने बच्चों की देखरेख, रहने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी राणा ने बताया कि समिति नियमित रूप से संप्रेक्षण गृह, विशेष गृह संस्थान समूर कलां और प्रेम आश्रम का निरीक्षण करती है। हर माह दो बार इन संस्थानों का दौरा कर बच्चों की रहने की व्यवस्था, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सेवाओं की जांच की जाती है।