नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में लिमिट से अधिक जमा राशि पर आयकर विभाग ने जिले में करीब 125 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने ऐसे खाताधारकों के संस्थानों पर सर्वे आधारित रेड शुरू कर दी है, जिन्होंने नोटिस का ऑनलाइन जवाब नहीं दिया है।
पुख्ता सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के दौरान एक्सेस डिपॉजिट वाले खाताधारकों के यहां जल्द सर्वे रेड हो सकती है। बताया जा रहा है कि इन खाताधारकों को 15 फरवरी तक का समय दिया था, लेकिन अधिकांश खाताधारकों ने ऑनलाइन कंपलाइंस नहीं की है।
इसके चलते ऐसे खाताधारक आईटी की रडार पर हैं। अभी हाल में जिले के गगरेट और घालुवाल में विभाग की दबिश इसी सर्वे पर आधारित थी। इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के मुताबिक खातों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने एक अलग सूची तैयार की है।
इसमें लोगों से डिपॉजिट का स्रोत पूछा गया है। अगर किसी के पास अनकाउंटिड राशि पाई जाती है तो उसे केंद्र के निर्देशों के मुताबिक संबंधित राशि का 77 फीसदी जुर्माना भरना पड़ेगा और कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। बहरहाल, ऐसे खाताधारकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का रास्ता अभी खुला है।
ऊना के आयकर अधिकारी विनोद कुमार ने खाताधारकों को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में खाताधारक अपनी अघोषित आय को अभी भी 31 मार्च तक 50 फीसदी जुर्माने के साथ सफेद कर सकते हैं।
उसके बाद 77 फीसदी जुर्माना भरना होगा। शेष राशि 4 वर्ष के लिए लॉक कर दी जाएगी। कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है, वहां कभी भी सर्वे रेड की जा सकती है।