फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: अवैध कब्जे हटाने के नोटिस पर ग्रामीणों में असमंजस

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों का दावा, जिन स्थानों को सरकारी भूमि बताया, वह वास्तव में उनकी पैतृक जमीन
विज्ञापन

जिला प्रशासन ने दिया है सात दिन का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। प्रदेश सरकार की ओर से बंगाणा क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए जारी किए गए नोटिसों ने स्थानीय लोगों में असमंजस और चिंता बढ़ा दी है। राजस्व विभाग ने सात दिन के भीतर कब्जे हटाने का निर्देश दिया है, लेकिन कई ग्रामीणों का दावा है कि जिन स्थानों को सरकारी भूमि बताया गया है, वे वास्तव में उनकी निजी या पैतृक जमीन हैं। ग्रामीण विजय कुमार, कुलदीप और राजेश का कहना है कि संबंधित भूमि का सीमांकन सही ढंग से नहीं किया गया है, जिसके कारण कई निजी भूमि धारकों को भी अवैध कब्जाधारी के रूप में दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि वे वर्षों से इन जमीनों पर निर्माण कर रह रहे हैं, लेकिन अचानक नोटिस मिलने से वे असमंजस में हैं कि कब्जा कैसे हटाएं।
ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय बंगाणा में मौखिक आपत्तियां भी दर्ज करवाई हैं। उनका कहना है कि वे सरकार के नियमों का पालन करने के पक्ष में हैं, परंतु वास्तविक भूमि मालिकों को परेशान किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि कार्रवाई से पहले भूमि का पुनः सीमांकन और सत्यापन कराया जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर गलत कार्रवाई न हो।
विज्ञापन

राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करना सरकार की नियमानुसार प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच और सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

अमित शर्मा, तहसीलदार, बंगाणा ने कहा कि नोटिस जारी करना आवश्यक प्रक्रिया का भाग है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी वैध भूमि स्वामी के साथ अन्याय न हो। सत्यापन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी और निजी भूमि के स्वामित्व के बीच स्पष्ट सीमांकन और संतुलन की आवश्यकता पर ध्यान खींचा है। ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी वैध संपत्ति की रक्षा करते हुए न्यायसंगत कदम उठाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें