जांच में खुलासा : आरोपी ने मूल प्रमाण-पत्र न देकर कलर फोटो कॉपी करवाई थी जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। जाली दस्तावेज़ के जरिये डाक सेवक की नौकरी हासिल करने के मामले में अंब थाना पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस सबसे पहले आरोपी की ओर से नौकरी के लिए जमा करवाए गए सभी दस्तावेजों का रिकॉर्ड खंगालेगी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी और प्रमाण-पत्रों की सत्यता की पुष्टि हो सकेगी।
गोर हो कि मोहन सिंह गुर्जर निवासी खेहसवाना राजपूत (जयपुर, राजस्थान) ने वर्ष 2024 में उपमंडल अंब के तहत उप डाकघर नैहरी नौरंगा की रपोह मिसरां शाखा में ग्राम डाक सेवक (सहायक शाखा डाकपाल) के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। इस नियुक्ति के लिए उसने राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल जयपुर द्वारा जारी कथित मैट्रिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।
दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान उक्त प्रमाणपत्र डिजीलॉकर और ऑनलाइन माध्यम से सत्यापित नहीं हो सका। इसके बाद जब कागजात संबंधित बोर्ड को भेजे गए, तो यह सामने आया कि उम्मीदवार की ओर से जमा करवाई गई मार्कशीट मूल प्रमाणपत्र न होकर रंगीन फोटोकॉपी थी।
मामले का खुलासा होने पर डाक विभाग के अधिकारी ने इस संबंध में अंब थाना में शिकायत दर्ज करवाई। हालांकि आरोपी ने 6 सितंबर 2024 को पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन विभाग का आरोप है कि उसने नौकरी के दौरान वेतन और अन्य लाभ प्राप्त किए, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ है। एसपी ऊना अमित यादव ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।