ऊना। जिला में कुछ दिन मौसम खराब रहने के बाद अच्छी धूप खिली। लगातार खराब चल रहे मौसम के बीच किसानों को फसलों की चिंता सता रही थी। मौसम साफ होने पर अब खेतों में कीटनाशक और खाद के छिड़काव के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं पर पीलिया बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। एहतियातन दवाओं का छिड़काव करना जरूरी है। जानकारी के अनुसार जिला में करीब 35000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल तैयार हो रही है। बीते दिनों अच्छी बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी है लेकिन लगातार खराब मौसम से फसलों को बीमारी का खतरा बढ़ गया। बारिश व हवाओं के कारण कई स्थानों पर गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। किसान विनोद कुमार, तरसेम लाल, बलदेव सिंह, सुरेंद्र राणा ने बताया कि गेहूं की फसल पर बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में जरूरी दवाओं का छिड़काव जरूरी है। वहीं आलू की फसल के लिए खाद व अन्य कीटनाशक स्प्रे किए जा रहे हैं।
अगले माह शुरू होगी फसल की कटाई
बता दें कि जिला में अप्रैल माह से गेहूं की कटाई का दौर शुरू हो जाएगा। उसी समय आलू की पटाई भी शुरू होगी। इस सीजन के कार्य निपटाने में प्रवासी मजदूरों का अहम भूमिका रहती है। किसान मजदूरों की मदद से ही अपने कार्य समय पर निपटाने में सफल हो पाते हैं। हालांकि गेहूं कटाई के लिए लगातार बढ़ती मजदूरी को लेकर बीते वर्ष विवाद भी हुआ और किसानों ने मजदूरों का बहिष्कार भी किया था।
गेहूं की फसल अच्छे तरीके से तैयार हो रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर फसल गिरने से प्रभावित हुई है लेकिन बारिश से सिंचित के साथ गैर सिंचित क्षेत्रों में भी फसल की स्थिति बेहतर हुई है। बारिश के बाद उचित समय पर मौसम साफ हुआ है। फसलों से जुड़ी किसी सुविधा को लेकर किसान विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
डॉ. कुलभूषण, उपनिदेशक कृषि विभाग