ऊना। जिले में खेल प्रतिभाओं को तराशने वाला इंडोर स्टेडियम अब महंगी फीस के कारण चर्चा में है। फीस में तीन गुना तक की बढ़ोतरी ने न केवल खिलाड़ियों बल्कि अभिभावकों की भी चिंता बढ़ा दी है। खेल के जरिये भविष्य संवारने का सपना देख रहे बच्चों के सामने अब आर्थिक बाधा खड़ी होती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार, इंडोर स्टेडियम में स्कूली बच्चों के लिए फीस 150 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है, जबकि बाहरी खिलाड़ियों को अब 450 की बजाय 1000 रुपये प्रतिमाह चुकाने होंगे। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर मध्य और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ा है, जिनके लिए बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए भेजना अब आसान नहीं रह गया।
अभिभावकों का कहना है कि पहले ही पढ़ाई, कोचिंग और अन्य जरूरतों पर खर्च का दबाव रहता है। ऐसे में खेल के लिए इतनी अधिक फीस देना हर किसी के बस की बात नहीं है।
कई परिवार अब इस दुविधा में हैं कि बच्चों के खेल को जारी रखें या आर्थिक संतुलन बनाए रखें। खिलाड़ियों का कहना है कि यह केवल फीस बढ़ने का मामला नहीं बल्कि उनके सपनों से जुड़ा मुद्दा है।
छोटे शहरों में इंडोर स्टेडियम जैसे संसाधन ही प्रतिभाओं को निखारने का आधार होते हैं। यदि शुरुआती स्तर पर ही आर्थिक अड़चनें सामने आ जाएं तो कई खिलाड़ी आगे बढ़ने से पहले ही पीछे छूट जाते हैं।
फीस बढ़ोतरी के विरोध में खिलाड़ियों ने नाराजगी जताते हुए खेल का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इतनी भारी फीस देना संभव नहीं है, ऐसे में मजबूरी में उन्हें खेल से दूरी बनानी पड़ सकती है।
वहीं, खेल विभाग ने फीस बढ़ाने के फैसले को उचित ठहराया है। विभाग के अनुसार, इंडोर स्टेडियम का हाल ही में करीब 65 लाख रुपये की लागत से कायाकल्प और मरम्मत कार्य किया गया है, जिसके चलते सुविधाओं में सुधार हुआ है। इसी आधार पर फीस में वृद्धि की गई है।