संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में सर्द मौसम की मार बच्चों को चपेट में ले रही है। शीतलहर और खानपान का ध्यान न रखने से बच्चों को जुकाम, खांसी और वायरल बुखार जकड़ रहा है। अस्पतालों में सैकड़ों अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं।
वीरवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में खासी भीड़ रही। जानकारी के अनुसार वर्तमान में शिशु रोग विशेषज्ञों के पास इलाज के लिए लाए गए बच्चों में 70 प्रतिशत वायरल बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित हैं।
सोमवार को 100 से अधिक अभिभावक अपने बच्चों के इलाज को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। जबकि कई अभिभावकों ने निजी अस्पतालों का रुख भी किया। चिकित्सकों की मानें तो बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन दिन से एक सप्ताह तक का समय लग रहा। सर्द मौसम में बच्चों के खानपान और पहनावे का विशेष ख्याल रखना जरूरी है।
वर्तमान में अगर दिन में धूप खिल रही है तो सुबह शाम कड़ाके की ठंड है। इसके साथ कई दिन मौसम साथ तो कई दिन बिल्कुल धूप नहीं खिल रही। ऐसे मौसम में कई बार बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने में लापरवाही बरती जा रही है। इसके साथ सर्द मौसम में बाहर के खाने का चलन भी बढ़ता है। बच्चों को फास्ट फूड, तला हुआ व खुले में रखा खाना खिलाने से भी बीमारियां बढ़ रही हैं। तला हुआ खाने के बाद बच्चे अकसर कोल्ड ड्रिंक या ठंडा पानी पी रहे हैं।
इससे गला संक्रमण की जकड़ में आ रहा है। रेहड़ी फड़ी में बिना स्वच्छता मानकों के तैयार खाना भी बच्चों को बीमार कर रहा है।