क्षेत्रीय अस्पताल की डेंटल ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 10 से 15 बच्चे
जागरूकता की कमी के चलते बढ़ रहे मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। दांतों की सही देखभाल न करने के कारण बच्चों में दांतों से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल की डेंटल ओपीडी के आंकड़े भी यह साबित करते हैं कि दांतों से संबंधित रोग अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि बच्चों में भी इन समस्याओं का सामना किया जा रहा है। इस समस्या के प्रमुख कारणों में सबसे पहले दांतों की नियमित सफाई का अभाव और जंक फूड और मीठे का अधिक सेवन है। बच्चों के आहार में अत्यधिक चीनी और रिफाइंड शुगर्स का समावेश दांतों पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। मीठे पदार्थ जैसे चॉकलेट, केक, पेस्ट्री, कैंडी और सॉफ्ट ड्रिंक्स, दांतों में बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे धीरे-धीरे दांतों की ऊपरी परत (इमेल) पर नुकसान होने लगता है और दांत खराब होते हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल की डेंटल ओपीडी में हर दिन औसतन 10 से 15 बच्चे दांतों की समस्याओं का इलाज करवाने आ रहे हैं। दांतों के विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि बच्चों को नियमित रूप से दांतों की सफाई करने की आदत डालनी चाहिए। इसके साथ ही अभिभावकों को बच्चों के आहार पर भी नजर रखनी चाहिए और उन्हें जंक फूड और मीठे से बचाने के लिए जागरूक करना चाहिए।
डॉ. कपिल भरवाल वरिष्ठ दंत चिकित्सक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ने इस बारे में कहा कि हकें बच्चों को दांतों की नियमित सफाई और जंक फूड का कम सेवन करने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा अभिभावकों को भी इस मामले में जागरूक रहना चाहिए ताकि बच्चों को इस समस्या से बचाया जा सके। यह जरूरी है कि हम बच्चों को सही दंत देखभाल की आदतें सिखाएं ताकि वे भविष्य में इन समस्याओं से बच सकें।