ऊना। अंतरराज्यीय रूटों पर जेएनएनयूआरएम की बसों के संचालन पर लगी रोक का असर सोमवार को ऊना-बद्दी रूट पर साफ देखने को मिला। सुबह रोजाना बद्दी जाने वाले सैकड़ों कर्मचारियों और यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। तय समय पर बसें न चलने से कई लोग निजी वाहनों, टैक्सियों और अन्य साधनों का सहारा लेने को मजबूर हुए।
जानकारी के अनुसार ऊना से सुबह 6:40 बजे, 8:20 बजे और 10:40 बजे बद्दी के लिए चलने वाली जेएनएनयूआरएम की बसों में अधिकतर कर्मचारी सफर करते हैं। इन रूटों पर चलने वाली जेएनएनयूआरएम की बसों के बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी बीबीएन क्षेत्र स्थित उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को हुई, जो रोजाना ऊना और आसपास के क्षेत्रों से बद्दी नौकरी के लिए जाते हैं। कई कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके जबकि कुछ को रास्ते में ही वैकल्पिक साधन तलाशने पड़े।
यात्रियों में राजवीर, कुसुम, रघुवीर ने बताया कि यह रूट लंबे समय से काफी व्यस्त रहता है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इन बसों पर निर्भर रहते हैं। सुबह के समय उद्योगों की शिफ्ट बदलने के कारण बसों में भारी भीड़ रहती थी।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की ऊना-बद्दी रूट पर चलने वाली जेएनएनयूआरएम की बसें कमाऊ पूत साबित हो रही थीं। इन रूटों पर दौड़ने वाली बसें 40 से 60 प्रतिशत तक फायदे में चल रहीं थीं। निगम के आलाधिकारियों ने न्यायालय के आदेशों के बाद बाहरी राज्यों के रूटों पर दौड़ रही जेएनएनयूआरएम की बसों को चलाने पर रोक लगा दी है। इससे एचआरटीसी ऊना की 17 बसों के पहिये थम गए हैं। ऊना से बद्दी रूट के लिए जेएनएनयूआरएम की बसें चलाई जा रही थीं।
वहीं कांगड़ा से परवाणू रूट पर चलने वाली एक जेएनएनयूआरएम बस सोमवार को केवल ऊना तक ही पहुंची। इसके बाद यात्रियों को आगे भेजने के लिए एचआरटीसी ने सामान्य बस की व्यवस्था की। अचानक बस बदलने और देरी होने से यात्रियों को काफी असुविधा उठानी पड़ी।
एचआरटीसी ऊना फिलहाल नए आदेशाें का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही बंद हुए रूटों पर सामान्य बसों का चलाने की व्यवस्था होगी। एचआरटीसी ऊना खुद ही 25 बसों की कमी से जूझ रहा है। एचआरटीसी ऊना के उपमंडलीय प्रभारी सुरेश धीमान ने कहा कि फिलहाल दूसरे राज्यों में जाने वाली जेएनएनयूआरएम की बसों को नहीं चलाया जा रहा है। अन्य बंद हुए रूटों पर भी जल्द ही बस सेवा शुरू कर दी जाएगी।