ऊना। उपमंडल हरोली की ग्राम पंचायत भदौड़ी में पंचायत प्रधान मनीष राणा और वार्ड-3 निवासी पूर्व सैनिक गुरनाम सिंह ओजला के बीच चल रहा विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया। पूर्व सैनिक ने पंचायत प्रधान पर चुनावी रंजिश निकालने, पद के दुरुपयोग और चुनिंदा तरीके से प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, पंचायतीराज मंत्री, उपायुक्त ऊना, एसडीएम हरोली और खंड विकास अधिकारी को लिखित शिकायत दी है।
शिकायत में सैनिक का आरोप है कि पिछले पंचायत चुनाव में प्रधान को वोट नहीं देने के कारण उन्हें व्यक्तिगत द्वेष का शिकार बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रधान ने महज एक सप्ताह के भीतर लगातार तीन नोटिस जारी किए। इतना ही नहीं, एक नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने वकील के माध्यम से दोबारा कानूनी नोटिस भेजा तो उनके खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज कराया जाएगा।
शिकायत के अनुसार गांव में कई अन्य लोगों ने भी सार्वजनिक रास्तों पर वाहन पार्क कर रखे हैं तथा कुछ स्थानों पर ईंट और रेत के ढेर भी पड़े हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही कोई नोटिस जारी हुआ जबकि अकेले उन्हें लगातार नोटिस देकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
इस बीच एसडीएम हरोली को बुधवार को दिए अलग शिकायत पत्र में गुरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि स्वयं प्रधान सार्वजनिक रास्ते पर अपनी कार खड़ी कर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। गुरनाम सिंह ने एसडीएम से मांग उठाई कि पंचायत प्रधान के कथित दोहरे रवैये और पद के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बीडीओ हरोली मुकेश ठाकुर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है और पंचायत इंस्पेक्टर को इस संबंध में जांच का जिम्मा सौंपा गया है। विवाद को जल्द सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भदौड़ी पंचायत के प्रधान मनीष राणा ने बताया कि उन्हें वार्ड-3 के स्थानीय निवासियों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी कि मुख्य गली में ट्रैक्टर, ट्रॉली और अन्य कृषि उपकरण खड़े किए जाने से लोगों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है। शिकायत मिलने के बाद पंचायत ने मौके का निरीक्षण किया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। पंचायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं बल्कि गांव के सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण और अवरोध से मुक्त रखना है ताकि सभी ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर सार्वजनिक गली में वाहन एवं अन्य उपकरण खड़े न करने के निर्देश दिए गए हैं।