ऊना। जिला प्रशासन की अनूठी पहल ऊना सुपर-50 के पहले बैच के 9 बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इन बच्चों ने जेईई परीक्षा में अच्छे अंक लेकर प्रतिष्ठित इंजिनीरिंयग कॉलेजों में प्रवेश पाने की उम्मीद जगाई है।
ऊना सुपर-50 के प्रथम बैच से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन बच्चों को सम्मानित किया गया। साथ ही वर्ष 2021-23 के बैच की प्रवेश परीक्षा में टॉप 10 स्थान पाने वालों को भी सम्मानित किया गया। बचत भवन ऊना में इन बच्चों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने की। छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती तथा गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। कंवर ने जेईई की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि संपन्न घरानों के बच्चे महंगी शिक्षा और कोचिंग ले पाते हैं। जबकि गरीब परिवारों और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सुविधाओं के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए ऊना सुपर-50 कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके माध्यम से बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है। इसी मॉडल की तर्ज पर अब मंडी में भी निशुल्क कोचिंग देने के कार्यक्रम की शुरूआत की गई है।
उन्होंने कहा कि कोठी-गैहरा में निर्माणाधीन अटल आदर्श विद्यालय में कक्षाएं अगले सत्र से शुरू हो जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान नए बैच के विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई। उन्हें टैब भी दिए गए ताकि उन्हें ऑनलाइन कक्षाएं लगाने में समस्याएं पेश न आएं। कार्यक्रम के दौरान डीसी राघव शर्मा, एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, डाइट प्रधानाचार्य देवेंद्र चौहान और अन्य मौजूद रहे।
अनुभव किए साझा
ऊना सुपर-50 के पहले बैच में जेईई की प्रवेश परीक्षा में 92.9 परसंटाइल प्राप्त करने वाले सिद्धांत ने कहा कि दसवीं तक उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थान का नाम भी नहीं सुना था। जिला प्रशासन के सहयोग से उन्होंने जेईई परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए हैं। वहीं 92.2 परसंटाइल अंक प्राप्त करने वाले स्वास्तिक शर्मा ने कहा कि कोरोना संकट के चलते पढ़ाई में कई दिक्कतें आईं लेकिन कड़ी मेहनत से एक मुकाम हासिल करने में कामयाब हुए हैं। 88 परसंटाइल प्राप्त करने वाली कंचन ने कहा कि बिना नि:शुल्क कोचिंग के इतने अच्छे अंक प्राप्त करना संभव नहीं था।