ऊना। जिले में जलजनित रोगों को लेकर निजी शिक्षण संस्थानों में भी विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा जिला प्रशासन की तरफ से आगामी दिनों में स्कूल खुलने से पहले स्कूल परिसर में पानी की टंकियां और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी स्कूलों में जाकर जलजनित रोगों पर अध्यापकों व विद्यार्थियों को जागरूक करेगी। जिले में मौजूदा समय में स्कूलों में छुट्टियां चल रहीं हैं। आगामी 1 अगस्त से जिले में सभी स्कूल खुलेंगे। ऐसे में जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों के अलावा निजी स्कूलों में भी जलजनित रोगों से बचने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में स्कूलों में होने वाली प्रार्थना सभा में भी विद्यार्थियों को जलजनित रोगों से बचने व इनकी चपेट में आने के बाद उपचार किस प्रकार से किया जाए, इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। जिले में मौजूदा समय में 140 निजी स्कूल चल रहे हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्र की आशा वर्कर भी सक्रिय रूप से कार्य करेंगी।
बता दें की बरसातों के दौरान जल जनित रोग जैसे डायरिया, डेंगू, मलेरिया आदि फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसके अलावा बरसातों में दूषित पानी के चलते भी कई विद्यार्थी डायरिया आदि की चपेट में आ जाते हैं। इन सबसे बचने के लिए निजी स्कूलों को भी स्कूल खुलने से पूर्व स्कूलों में लगी पानी की टंकियां की सही प्रकार से सफाई व क्लोरिनेशन करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
कोट्स
जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद जनजनित रोगों को लेकर अभियान चल रहा है। आगामी दिनों में स्कूल खुलने के बाद जलजनित रोगों को लेकर सरकारी व निजी स्कूलों भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, ताकि जलजनित रोगों को फैलने से रोका जा सके।
डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ऊना