बंगाणा/बड़ूही (ऊना)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ ध्यूंसर महादेव मंदिर तलमेहड़ा सहित क्षेत्रभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रात होते-होते मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जैसे ही रात 12 बजे घड़ी की सुई पहुंची, पूरा परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान बाल कृष्ण की भव्य झांकी निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
जन्मोत्सव के दौरान मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन प्रवीण शर्मा ने नंदबाबा की भूमिका निभाई जबकि राजेश गौतम वासुदेव के रूप में नजर आए। वासुदेव टोकरी में बाल कृष्ण को लेकर पंडाल में पहुंचे तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। जन्माष्टमी समारोह में पंजाबी फनकार अमित धर्मकोटी ने भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को कृष्णमय कर दिया।
उनके भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। खरयालता के श्री राधाकृष्ण मंदिर, डुमखर के श्री राधाकृष्ण मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी जन्माष्टमी के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उपमंडल बंगाणा के तहत राधाकृष्ण मंदिर बड़ूही में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शुक्रवार रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। रातभर श्रीकृष्ण के भजनों और जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजन-कीर्तन में हिस्सा लेकर भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान किया। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। शनिवार सुबह मंदिर परिसर में विधि-विधान से हवन करवाया गया। इसके बाद सामूहिक आरती हुई। आरती के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया।