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वीकेंड पर चिंतपूर्णी बाजार में लागू होगी दो जिलों की व्यवस्था

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रविवार को चिंतपूर्णी मंदिर में काफी भीड़ उमड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को रो? - फोटो : Una
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भरवाईं (ऊना)। कोरोना के चलते वीकेंड पर बाजार बंद रखने की व्यवस्था धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी के कारोबारियों को रास नहीं आ रही है। बाजार बंद रखने को लेकर चिंतपूर्णी बाजार क्षेत्र में दो जिलों की व्यवस्था लागू होगी। शनिवार को पूरा बाजार बंद रहेगा। जबकि, रविवार को आधा बाजार खुलेगा तो आधा बंद रहेगा। बाजार बंद करने को लेकर कांगड़ा और ऊना जिला प्रशासन के अलग-अलग आदेश स्थानीय व्यापारी परेशान हैं। कारोबारियों ने रोष जताते हुए कहा कि वीकेंड पर मां चिंतपूर्णी का दरबार खुला रहता है। इसी दौरान श्रद्धालु भी अधिक संख्या में पहुंचते हैं। इस दौरान दुकानें बंद रखने के आदेश समझ से परे हैं।
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स्थानीय दुकानदारों में सुभाष चंद्र, राकेश कुमार, विनोद कुमार, जीवन कालिया, सतीश कालिया, अंकू घई, महेश कुमार, तिलक राज व अन्य ने बताया कि चिंतपूर्णी का 50 फीसदी बाजार जिला कांगड़ा के तहत पड़ता है। जिला कांगड़ा प्रशासन ने केवल रविवार को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को जिला कांगड़ा के तहत नए बस अड्डे से पुराने बस अड्डे, अस्पताल रोड पर दुकानदारों ने दुकानें खुली रखने का निर्णय लिया है। ऐसे में चिंतपूर्णी का आधा बाजार बंद तो आधा खुला रहने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चिंतपूर्णी में बाजार को खोलने के लिए एक तरह के मापदंड अपनाए जाएं।
इस तरह आधा बाजार बंद और आधा खुला रखना उचित नहीं है। चिंतपूर्णी व्यापार मंडल के प्रधान वासुदेव ने कहा कि कोरोना के चलते दुकानदार पहले ही लाखों रुपये का नुकसान उठा चुके हैं। ऐसे में मंदिर को दर्शनों के लिए खुला रखना और बाजार बंद करने का निर्णय उचित नहीं है। स्थानीय पुजारी निरंजन कालिया, केवल कृष्ण, विनोद कुमार आदि ने कहा कि यदि चिंतपूर्णी में मंदिर के कपाट दर्शनों के लिए खुले रखे जा रहे हैं तो नियमों के साथ बाजार को भी खुला रखा जाए। यदि बाजार शनिवार या रविवार को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं तो मंदिर को भी केवल पूजा अर्चना के लिए ही खोला जाए।
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