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Una News: दुर्गा अष्टमी पर 17 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया

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शारदीय नवरात्र काे दुर्गा अष्टमी पर हुई विशेष पूजा-अर्चना
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माता रानी को लगाए छप्पन प्रकार के व्यंजनों के भोग, नारियल की दी बलि
माता के जयकारों से गूंजा चिंतपूर्णी मंदिर परिसर, पुजारियों ने जगत कल्याण के लिए की विशेष प्रार्थना
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी/भरवाई (ऊना)। विश्वविख्यात धार्मिक स्थल माता चिंतपूर्णी मंदिर में शारदीय दुर्गा अष्टमी धूमधाम और श्रद्धापूर्वक मनाई गई। अष्टमी पर 17 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दिन में माता की पावन पिंडी का स्नान एवं शृंगार किया गया। इस अवसर पर नारियल की बलि दी गई और माता रानी को छप्पन प्रकार के भव्य व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। दोपहर में भव्य आरती की गई और कंजक पूजन संपन्न हुआ। इस दौरान माता स्वरूप कंजकों की पूजा करते हुए प्रसाद वितरण भी किया गया। पुजारी अमित कालिया ने माता रानी का शृंगार किया। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट खोल दिए गए और भक्तों के जयकारों से मंदिर व आसपास का वातावरण श्रद्धा एवं भक्ति से गुंजायमान हो उठा। देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में आस्था और भक्ति के रंग में डूबी रही। पुजारी वर्ग ने जगत कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। अष्टमी पूजन में मंदिर के पुजारियों के अलावा मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल, सुरक्षा अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल मुनीश कुमार, बारादरी सभा के रविंद्र शिंदा, भूषण कालिया, राम कुमार कौल, सोनू और मुनीश सहित अन्य प्रमुख श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि शारदीय नवरात्र के अष्टमी अवसर पर चिंतपूर्णी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई।
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से लंगर का आयोजन किया गया, साथ ही कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भी लंगर लगाया गया। इसमें उच्च गुणवत्ता का भोजन परोसा गया। इन संस्थाओं ने लंगर आयोजन के लिए मंदिर प्रशासन से अनुमति ली थी। मंदिर प्रशासन समय-समय पर लंगरों की साफ-सफाई एवं व्यवस्था का निरीक्षण करता है।
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