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Una News: मैहतपुर में एओ का दफ्तर खुला, लाइटें जल रहीं, कर्मचारी नदारद

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उद्योगों के रखरखाव के लिए खोला गया है कार्यालय
गेस्ट हाउस के कमरों की सफाई कर रही महिला के अलावा दूसरा कोई कर्मचारी नहीं था
सप्ताह में दो-तीन दिन ही बैठते हैं मैहतपुर, शेष कार्य ऊना से : एओ
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)। दिन वीरवार, समय सुबह दस बजे। दफ्तर खुला है, लाइटें जल रही हैं, लेकिन कर्मचारी नदारद। कार्यालय में कोई मौजूद नहीं। कुछ ऐसा ही नजारा स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में स्थित उद्योग विभाग के एओ कार्यालय में देखने को मिला। औद्योगिक क्षेत्र के सेवा सदन में पिछले लंबे अरसे से संचालित इस एओ कार्यालय को स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के रखरखाव, बिजली, पेयजल, सीवरेज व्यवस्था तथा आईएडीए की रखरखाव राशि की वसूली सहित अनेक कार्यों के लिए खोला गया था।
कार्यालय से सटे गेस्ट हाउस के कमरों की सफाई कर रही एक महिला कर्मचारी से जब एओ साहिब के आने के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि इसकी जानकारी कार्यालय के अन्य कर्मी ही दे सकते हैं। लेकिन, कार्यालय में दूसरा कोई कर्मचारी मौजूद ही नहीं था, तो पूछते भी किससे।
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महिला कर्मचारी ने अपने मोबाइल से लिपिक से बात करवाई, जिससे पता चला कि स्टाफ की कमी के चलते एओ साहिब को अधिकतर ऊना में ही बैठना पड़ता है। ऐसे में जब कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है तो फिर लाइटें जलती रहने का जिम्मेदार कौन है। इस तरह की फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की जवाबदेही किसकी है, यह एक बड़ा सवाल बन गया है।
राज्य सरकार भले ही बिजली की बचत और सरकारी कार्यालयों में फिजूलखर्ची पर नकेल कसने के दावे करती रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सरकारी कार्यालयों में अक्सर दिन के समय भी बेवजह लाइटें जलती देखी जा सकती हैं।
इस संबंध में एओ दीपक वर्मा ने स्टाफ की कमी की बात को खारिज करते हुए कहा कि वे सप्ताह में दो-तीन दिन मैहतपुर बैठते हैं। शेष कार्य ऊना से इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि फाइलें वहीं रखी होती हैं। उन्होंने कहा कि बेवजह लाइटें न जलें, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है।
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मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान पार्षद बलराम चंदेल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के रखरखाव के लिए यह कार्यालय खोला गया है। यहां से औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े सभी कार्यों को करवाने में सुविधा मिलती है। हालांकि, स्टाफ की कमी के कारण एओ को ऊना से ही कार्य देखना पड़ता है।
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मैहतपुर उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष सीआर कौशल ने कहा कि चाहे फिजूलखर्ची बिजली की हो या किसी अन्य मद की, इस पर पूरी गंभीरता से काम होना चाहिए। यदि एओ कार्यालय में स्टाफ की कमी है, तो सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
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