मैहतपुर में सब्जी मंडी में कार्रवाई करती अाबकारी एवं कराधान विभाग की टीम।
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स्थानीय वार्ड दो में सप्ताह में दो दिन लगनी वाली किसान सब्जी मंडी में सजी अस्थायी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू होती ही किसान सब्जी मंडी में हंगामा खड़ा हो गया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में पड़ोसी सूबे पंजाब के नंगल से आकर स्थानीय किसान सब्जी मंडी में सब्जी और फल बेचने वाले रेहड़ी वालों को खदेड़ दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह किसान सब्जी मंडी है और यहां स्थानीय किसान ही फड़ी लगाकर सब्जी बेच सकते हैं। व्यापार मंडल ने सब्जी मंडी में सब्जी फल के अलावा फड़ी लगाकर दूसरा सामान बेचने वालों पर भी शिकंजा कस दिया है।
व्यापार मंडल की शिकायत पर आबकारी एवं कराधान विभाग के एक अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए दो फड़ी वालों को बिना बिल के सामान बेचने पर दो हजार छह सौ रुपये का जुर्माना ठोक दिया। इससे पहले कि अस्थायी दुकानें सजाकर सामान बेचने वालों पर जुर्माना ठोंका जाता, स्थानीय नगर परिषद के कुछ पार्षद भी मौके पर आ पहुंचे और फड़ी वालों के हक में खड़े हो गए। व्यापार मंडल के चेयरमैन दीपक द्विवेदी, प्रधान राहुल ऐरी, सुभाष ऐरी, अजय कुमार, गोपाल, पूर्व पार्षद पवन कुमार समेत अनेक अन्य लोगों ने कहा कि फड़ी वालों ने व्यापार मंडल के लोगों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए ऊपर तक सेटिंग होने की धमकियां दी हैं।
इस मुद्दे को लेकर व्यापार मंडल एवं नगर परिषद के पार्षदों के बीच आपसी तनातनी बढ़ते देखकर आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी ने कार्रवाई रोक दी तथा आपसी बातचीत से मसले का हल करने की बात कही। इस बीच फड़ी वालों ने आरोप लगाया कि व्यापार मंडल के लोग उन्हें इसलिए यहां से खदेड़ रहे हैं, क्योंकि वे मनमाने दामों पर सामान बेचकर लोगों की जेबों पर डाका नहीं डाल पा रहे हैं। इन लोगों ने कहा कि विभाग में अगर हिम्मत है तो उन दुकानदारों के सामान और बिलों की भी जांच करे, जो अस्सी फीसदी कारोबार नंबर दो में कर रहे हैं। उधर, आबकारी एवं कराधान विभाग के निरीक्षक पवन कुमार ने दो फड़ी वालों से 2600 रुपये जुर्माना वसूलने की पुष्टि की है। इस मौके पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, पार्षद राजेंद्र कौर, उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बलराम चंदेल समेत कई लोग मौजूद रहे।