आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन सीटू का 14वां राज्य सम्मेलन शुरू
निजीकरण और बजट कटौती के खिलाफ आवाज बुलंद, समान वेतन और नियमितीकरण की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (संबद्ध सीटू) का प्रदेश स्तरीय 14वां दो दिवसीय राज्य सम्मेलन ऊना में शुरू हुआ। सम्मेलन का ध्वजारोहण यूनियन की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल ने किया और उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊषा रानी ने किया। सम्मेलन में राज्य महासचिव वीना शर्मा ने रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर ने सम्मेलन को संबोधित किया।
अपने संबोधन में ऊषा रानी और डॉ. कश्मीर ठाकुर ने आंगनबाड़ी कर्मियों को 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए बधाई दी और कहा कि हिमाचल में यह अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल रही। उन्होंने केंद्र सरकार पर आईसीडीएस के निजीकरण और बजट कटौती की कड़ी निंदा की और मोदी सरकार को आईसीडीएस विरोधी करार दिया।
सम्मेलन में आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए उठाई गईं मांगें
मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी का दर्जा दिया जाए।
समान कार्य का समान वेतन लागू हो।
किसी भी मिनी आंगनबाड़ी केंद्र को बंद न किया जाए।
सभी कर्मियों के वेतन में वृद्धि और नियमितीकरण किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ग्रेच्युटी लागू हो।
गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के अनुरूप कर्मियों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रूप में नियमित किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल का दर्जा दिया जाए।
सुपरवाइजर भर्ती में वरिष्ठता और योग्य डिग्री को मान्यता दी जाए।
हरियाणा की तरह वेतन और वरिष्ठता लाभ, पंजाब की तरह मेडिकल और अन्य छुट्टियां दी जाएं।
रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष की जाए और वर्दी के लिए आर्थिक सहायता, मोबाइल रिचार्ज और स्टेशनरी सुविधा दी जाए।
पोषण ट्रैकर एप की समस्याओं को दूर किया जाए।
आईसीडीएस को निजी कंपनियों के हवाले करने और बजट में तीस प्रतिशत कटौती के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाए। नेताओं ने चेताया कि अगर आंगनबाड़ी वर्कर्स को नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।