गगरेट (ऊना)। विकास खंड गगरेट की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत अंबोटा को लेकर चला आ रहा विवाद अब काफी हद तक शांत हो गया है। पंचायती राज विभाग ने पहले लिए निर्णय में संशोधन करते हुए अब अंबोटा पंचायत को तीन की बजाय दो पंचायतों में विभाजित करने का फैसला लिया है। पहले विभाग द्वारा अंबोटा को तीन पंचायतों में बांटने का प्रस्ताव किया गया था, जिस पर क्षेत्र के लोगों ने आपत्ति जताई थी। लोगों का कहना था कि ऐतिहासिक गांव अंबोटा को इस तरह टुकड़ों में बांटना उचित नहीं है। इसके बाद ग्रामीणों की आपत्तियों और मांगों को देखते हुए पंचायती राज विभाग ने पुनर्विचार करते हुए दो पंचायतें बनाने का निर्णय लिया है।
नए निर्णय के अनुसार ग्राम पंचायत अंबोटा में अंबोटा, जंदबड़ और शिवबाड़ी उप मुहाल शामिल होंगे जबकि नई बनी ग्राम पंचायत चतेहर में डवाली और चतेहर उप मुहाल को शामिल किया गया है। दो पंचायतें बनाए जाने के फैसले पर गांववासियों ने संतोष जताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और लोगों की भावनाओं का भी सम्मान हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव का विभाजन आम लोगों की राय से होना चाहिए था और अब विभाग ने लोगों की आवाज को महत्व दिया है। ग्रामीणों में नंबरदार अश्वनी ठाकुर, सुरिंद्र सिंह कंवर, हरदीप सिंह, रंजीत सिंह, पूर्व प्रधान जगजीत सिंह, पंकज डडवाल, रंजोध सिंह, अजय सिंह, हरीश कुमार, राकेश ठाकुर, अमित सूद, संजय कुमार, राजेश बंबू, राजिंदर कुमार, सुनीता देवी, निशु सूद, मनु ठाकुर, पंकज ठाकुर, प्रिंस ठाकुर, अशोक सिंह, सूबेदार जगदीश सिंह, सूबेदार सर्वजीत सिंह, कैप्टन कश्मीर सिंह, बलविंद्र सिंह और सरदार बाबा सिंह सहित कई लोगों ने इस फैसले के लिए विधायक राकेश कालिया का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि सभी गांववासी एकजुट हैं और भविष्य में भी गांव की एकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे। जिला पंचायत अधिकारी के श्रवण कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत अंबोटा के साथ अब चतेहर भी ग्राम पंचायत होगी।