ऊना। कोरोना कर्फ्यू के चलते जिलेभर में शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर्व फीका रहा। कर्फ्यू में आभूषणों की दुकानें बंद होने से लोग खरीदारी नहीं कर पाए। वहीं, अक्षय तृतीया पर्व पर लाखों का कारोबार करने वाले ज्वेलर भी दिनभर घर बैठे रहे। कोरोना कर्फ्यू में जहां लोग आभूषण नहीं खरीद पाए, वहीं आभूषण कारोबारियों को भी लाखों रुपये का घाटा झेलना पड़ा है। कोरोना कर्फ्यू के चलते दुकानदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, स्वर्ण संघ के जिलाध्यक्ष सोमनाथ सराफ और प्रिंस राजपूत का कहना है कि दो साल पहले अक्षय तृतीया पर्व पर जिला में करीब 20 से 25 करोड़ का कारोबार होता था।
लोग अक्षय तृतीया के दिन आभूषणों के साथ-साथ सोने और चांदी के बर्तनों की खरीदारी करते हैं, लेकिन पिछले वर्ष भी करोना महामारी के कारण कारोबार मंदा रहा और इस बार दुकानें बंद होने से करोबार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू दुकानदारों को बंद दुकानों के बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं और न ही लोन के ब्याज में कारोबारियों को कोई राहत दी जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कोरोना कर्फ्यू में दी जाने वाली छूट में सभी दुकानें एक साथ खोली जाएं। इसके अलावा करोबारियों को टैक्स और ऋण के ब्याज में छूट दी जाए और दुकानों के बिजली के बिल माफ किए जाएं।