संवाद न्यूज एजेेंसी
नारी (ऊना)। अग्निपथ योजना के विरोध में देशभर में युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते कई स्थानों पर सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। युवा वर्ग इस योजना को गलत बता रहा है। इसी तरह कांग्रेस भी इसे गलत ठहरा रही है।
वहीं, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को बिना सोचे समझे विरोध नहीं करना चाहिए। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों की मानें तो सेवाकाल का समय जरूर कम लग रहा है। इस पर संशोधन किया जाना चाहिए, लेकिन योजना को लेकर जल्दबाजी सही नहीं है। योजना में यदि कहीं कमियां हैं तो उन्हें दूर किया जा सकता है। अग्निपथ योजना को लेकर जिले के कुछ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने अपने विचार इस प्रकार रखे।
अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी
सेवानिवृत्त कर्नल धर्मपाल वशिष्ठ का कहना है कि अग्निपथ योजना पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। बिना परखे किसी योजना पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। सेना की नीति और रणनीति सैन्य अधिकारी सोच समझकर बनाते हैं, जिसे सरकार लागू करती है। योजना के लागू होने के बाद सही स्थिति साफ होगी।
सेवाकाल की अवधि बढ़ाई जाए
सेवानिवृत्त सहायक कमांडेंट जीतराम संधू ने कहा कि बिना सोचे-समझे विरोध करके देश की संपत्ति को जलाना ठीक नहीं है। अग्निपथ योजना युवाओं और देश के हित में हैं। चार वर्ष की अवधि थोड़ी कम लग रही है। इसे बढ़ाया जाए तो बेहतर रहेगा।
जानकारी के अभाव न करें विरोध
सेवानिवृत्त कैप्टन बालकृष्ण ने बताया कि अग्निवीरों को कई लाभ मिलेंगे। जानकारी के अभाव में युवा विरोध न करें। योजना को पूरी तरह समझें, इसके बाद इस योजना को लेकर शांतिपूर्वक अपनी बात रखें। योजना में यदि कोई कमी है तो उसे सरकार व सेना की तरफ से पूरा किया जा सकता है।
उपयोगी सिद्ध होगी अग्निपथ योजना
सेवानिवृत्त सहायक कमांडेंट तरसेम लाल खजूरिया के अनुसार अग्निपथ योजना उपयोगी सिद्ध होगी। यूक्रेन सभी के सामने का ताजा उदाहरण है। देश के पास प्रशिक्षित युवाओं की फौज होगी। यह सभी किसी भी आपदा के आने पर डटकर मुकाबला कर सकते हैं। युवा सभी चीजों को ध्यान रखें और फिर अपनी बात रखें।