घासनियों में आग लगाने से पहले वन विभाग को देनी होगी सूचना
30 जून तक कर्मचारियों की छुटिटयां रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जंगलों में लगने वाली आग के मामलों पर लगाम कसने के लिए वन विभाग मुस्तैद हो गया है। वन विभाग की तरफ से इस बार 15 अप्रैल से 30 जून तक फायर सीजन घोषित किया गया है। विभाग ने इस बार जंगल से 100 मीटर के दायरे में आग लगाने पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसा करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अगर किसी ने अपनी निजी घासनी में आग लगानी है तो इसकी सूचना पहले विभाग को देनी पड़ेगी। इस फायर सीजन 66 फायर वॉचर तैनात किए हैं, ताकि वन संपदा को बचाया जा सके।
जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए जिलेभर में 66 फायर वॉचर तैनात किए हैं। जिले की पांचों रेंज में पांच फायर फाइटिंग टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में 5 से 6 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। आग से निपटने के लिए विभाग ने पांचों रेंज में फायर फाइटिंग टीमों को एक-एक गाड़ी भी उपलब्ध करवाई है। ऊना जिले में 21 हजार हेक्टयेर क्षेत्र में जंगल फैला हुआ हैं। वन विभाग द्वारा जंगलों को आग से बचाने के लिए नई फायर लाइनें भी बनाई गई हैं।
वहीं, जंगलों में 110 किलोमीटर फायर लाइन (अग्रिरेखा) बनाई गई हैं। जहां सुखी पत्तियों को हटाया गया है। फायर वॉचर समय-समय पर फायर लाईनों को साफ करेंगे। इसके अलावा विभाग ने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों को पत्र लिखकर आग लगने की सूरत में सहयोग की अपील की है। ग्रामीणों को फायर सीजन के दौरान जंगल क्षेत्र से 100 मीटर दायरे में आग लगाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया है। इसके बावजूद जंगल के समीप आग लगाते हुए अगर कोई पकड़ा गया तो उक्त व्यक्ति के खिलाफ विभाग सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा। आगामी कुछ दिनों में किसान गेंहू की कटाई में जुट जाएंगे। जंगलों के साथ सटे खेतों में कई किसान गेंहू की कटाई के बाद घासनियों को आग लगाकर नष्ट करते हैं। इससे कई बार जंगलों में आग लग जाती है और आग से भारी नुकसान होता है। इसके चलते अगर किसी ने अपनी घासनियों को आग लगानी है तो इसकी सूचना पहले वन विभाग को देनी होगी।
कोट्स
फायर सीजन के दौरान जंगलों को आग से बुझाने के लिए खंड स्तर पर पांच टीमें तैनात की गई हैं। जंगल से 100 मीटर के दायरे तक आग लगाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। जिले भर में 66 फायर वॉचर तैनात होंगे। फायर सीजन को देखते हुए 30 जून तक कर्मचारियों की छुटिटयां रद्द कर दी गई हैं।
सुशील राणा, वन मंडलाधिकारी, ऊना