टाहलीवाल (ऊना)। टाहलीवाल क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आज तक खेल स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पाया है। क्षेत्र में पर्याप्त सरकारी भूमि न मिलना खेल स्टेडियम के निर्माण में रोड़ा बना है। निजी भूमि का दायरा ज्यादा होने की सूरत में वर्तमान का युवा खेलकूद गतिविधियों से महरूम होकर रह गया है। क्षेत्र के समाजसेवी और दानी सज्जनों ने भी युवाओं के लिए खेल स्टेडियम का निर्माण करने में कोई भी दरियादिली नहीं दिखाई है और न ही किसी दानी सज्जन ने भूमि खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए दान दी है। राजनीतिक पार्टियां भी युवाओं को खेल स्टेडियम बनाने के नाम पर फिसड्डी ही साबित हुई हैं। हरोली विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र का दायरा ज्यादा है।
नगर पंचायत टाहलीवाल की ओर से जगह भी चिह्नित की गई थी लेकिन सरकारी जगह पर्याप्त न होने की सूरत में खेल स्टेडियम स्थापित करने की मुहिम आज तक सिरे नहीं चढ़ी है। 2015 में नगर पंचायत टाहलीवाल अस्तित्व में आई थी। दशक से अधिक समय बीत रहा है लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के नेता ने भी टाहलीवाल में खेल स्टेडियम स्थापित करने की दिशा में कोई पैरवी किसी भी मंच पर आज दिन तक नहीं की है। प्रशासन और सरकारें आए दिन युवाओं को खेलकूद गतिविधियों में बढ़-कर कर भाग लेने के दावे करती हैं लेकिन धरातल पर खेल स्टेडियम स्थापित नहीं हो पाया।
नगर पंचायत टाहलीवाल के सचिव विजय कुमार का कहना है कि खेल स्टेडियम के लिए जगह देखी थी लेकिन सरकारी भूमि कम पाए जाने की सूरत में खेल स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पाया है। अगर कुछ दानी सज्जन खेल स्टेडियम का निर्माण करने के लिए भूमि दान में दें तो क्षेत्र के युवाओं के लिए वरदान साबित होगी और खेल स्टेडियम का निर्माण संभवत हो सकेगा।
अनमोल कुमार का कहना है कि टाहलीवाल क्षेत्र में खेल स्टेडियम का निर्माण करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने होंगे ताकि क्षेत्र में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में पहल हो सके।
सुभाष कुमार का कहना है कि युवाओं को खेल के साथ जोड़ने दिशा में सबको आगे आना होगा। तभी युवाओं को मंच प्रदान करने के लिए क्षेत्र में खेल स्टेडियम बनना संभव होगा।