तीन मंजिला होगा भवन, छह माह के भीतर जनता को समर्पित किया जाएगा
अग्निशमन केंद्र खुलने से कुटलैहड़ की 40 पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल के डुमखर में 5 करोड़ 56 लाख 69 हजार रुपये की लागत से अग्निशमन विभाग का भवन बन रहा है। भवन का 80 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। तीन मंजिला यह अत्याधुनिक भवन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा। भवन की मुख्य संरचना पूरी की जा चुकी है। लेंटर डालने के बाद अब तैयारियां जोरों पर हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब आंतरिक कार्य, विद्युत व्यवस्था, जल निकासी, फर्श और उपकरण स्थापना का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यदि कार्य इसी रफ्तार से जारी रहा तो भवन निर्धारित समय से पहले ही तैयार हो जाएगा।
अग्निशमन केंद्र शुरू होने से कुटलैहड़ की 40 पंचायतों को इस अग्निशमन केंद्र का सीधा लाभ मिलेगा।
अब तक आगजनी या किसी अन्य आपदा की स्थिति में अग्निशमन वाहनों को दूरस्थ केंद्रों से बुलाना पड़ता था, जिससे मौके पर पहुंचने में विलंब होता था। इस देरी के कारण कई बार नुकसान बढ़ जाता था। स्थानीय लोग और जन प्रतिनिधि लंबे समय से अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग उठा रहे थे। विधायक विवेक शर्मा ने प्राथमिकता देते हुए सरकार और विभाग के समक्ष प्रभावी रूप से रखा। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अग्निशमन अधिकारी मदन लाल ने बताया कि भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भवन के पूर्ण होने के बाद यहां आवश्यक उपकरण, आधुनिक अग्निशमन यंत्र, पानी की पर्याप्त व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से संबंधित अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी।
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अग्निशमन केंद्र में होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
निर्माणाधीन अग्निशमन भवन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इसमें अग्निशमन वाहनों के लिए विशाल पार्किंग क्षेत्र, कर्मचारियों के लिए कार्यालय कक्ष, विश्राम कक्ष, आवासीय व्यवस्था, नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) और बचाव उपकरणों के सुरक्षित भंडारण की विशेष व्यवस्था की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इसे एक संपूर्ण आपदा प्रबंधन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भवन में अत्याधुनिक संचार प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे किसी भी आपातकालीन सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। साथ ही, आग, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से अंजाम दिया जा सकेगा।