फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: ऊना-धर्मशाला एनएच पर झलेड़ा से अंब तक मौत का सफर

Sat, 05 Sep 2026 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ूही (ऊना)। ऊना-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलेड़ा से लेकर अंब तक सड़क वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। इस मार्ग पर आए दिन हो रहे सड़क हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि हर दूसरे या तीसरे दिन कहीं न कहीं वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आ जाती है। पिछले दो से तीन महीनों के आंकड़ों और घटनाओं पर नजर डालें तो इस सड़क पर लगातार लोगों की जान जा रही जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर जीवनभर के लिए दिव्यांगता का दर्द झेलने को मजबूर हो गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद इस सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ-साथ वाहनों की रफ्तार भी काफी बढ़ गई है। तेज गति, ओवरटेकिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, लापरवाही से ड्राइविंग करना और सड़क के कई स्थानों पर बने ब्लैक स्पॉट लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि झलेड़ा, मुबारिकपुर, अंब, पक्का परोह, कुठियाड़ी, दिलवां, बड़ूही, धुसाड़ा और आसपास के कई क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई हादसे इतने भयावह रहे हैं कि परिवारों ने अपने जवान बेटे और कमाने वाले सदस्य खो दिए। कई माताओं के इकलौते बेटे सड़क हादसों में काल का ग्रास बन चुके हैं जबकि अनेक परिवारों के सदस्य गंभीर चोटों के कारण अपने शरीर के अंग गंवा चुके हैं। ध्यान रहे कि शुक्रवार सुबह बड़ूही बाजार के समीप दिलवां क्षेत्र में दो कारों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि अन्य लोग घायल हुए। इससे पहले भी इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन


ऊना-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे हादसे बेहद चिंताजनक हैं। कहा कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले से ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर हादसे के बाद कुछ दिन चर्चा होती है और फिर मामला ठंडा पड़ जाता है।
-हरी सिंह, समाजसेवी, निवासी टकारला

राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेकिंग करना सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है।कुछ माह पहले पुलिस द्वारा लगातार चेकिंग और स्पीड चालान किए गए थे, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला था। दुर्घटनाओं में कमी आई थी। इस अभियान को अस्थायी नहीं बल्कि नियमित रूप से चलाने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-कर्ण सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, निवासी चकसराय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें