ऊना। जिला मुख्यालय के राजकीय महाविद्यालय में कालेज प्रवक्ताओं ने मंगलवार को वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन का कार्य पूर्ण रूप से ठप रखा। प्रवक्ताओं ने हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगों के प्रति अपनाए जा रहे ढुलमुल रवैये के प्रति रोष प्रकट किया। कालेज प्रवक्ता संघ के यूनिट अध्यक्ष डा. दिनेश भारद्वाज, सचिव पुनीत कंवर और प्रेस सचिव डा. संजय वर्मा ने बताया कि उन पर अनुचित शर्तें थोपी जा रही हैं। इनसे निसंदेह प्रवक्ता वर्ग को फायदा पहुंचेगा, लेकिन इसमें प्रवक्ताओं के फायदे से ज्यादा छात्रों का नुकसान किया जा रहा है। प्रवक्ताओं की प्रोग्रेस को जांचने के लिए रिसर्च आदि नीतियों को लागू किया जा रहा है। इसके चलते प्रवक्ताओं को अपने फायदे के लिए छह-छह माह तक भी कालेजों से बाहर रहना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में छात्रों के शिक्षण कार्यों को कौन संभालेगा। उन्होंने मांग की है कि प्रवक्ताओं का मूल्यांकन पढ़ाई के आधार पर किया जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि नई नीतियों में प्रवक्ताओं के वित्तीय लाभों और पदोन्नति सिस्टम को भी व्यापक हानि पहुंच रही है। उन्होंने आरोप जड़ा कि सरकार को छात्र हितों का कोई ध्यान नहीं रह गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नीतियों में सुधार न किया गया तो कालेज प्राध्यापकों को उग्र प्रदर्शन के लिए विवश होना पड़ सकता है। इस अवसर पर योगेश शर्मा, परेश प्रभाकर, सोफिया प्रभाकर, डा. एसके बंसल, रवि राज, पीएस ठाकुर, प्रवीण बाला, डा. एसके चावला, पीएस चंदेल, उमाशंकर शर्मा सहित बड़ी संख्या में कालेज प्राध्यापक मौजूद रहे।