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हम तो भाजपा के थे, हैं और रहेंगे: रमा टिकड़ा

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हम भाजपा के थे, हैं और रहेंगे : रमा टिकड़ा
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चंद चाटुकार कर रहे हैं पार्टी तोड़ने की साजिश
निष्कासन प्रस्ताव पर बोली पूर्व प्रधान रमा
अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)।
हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों का इल्जाम लगाकर जिन पांच भाजपाइयों के खिलाफ निष्कासन का प्रस्ताव पारित किया गया, उनमें एक महिला नेत्री रमा टिकड़ा भी हैं। उनके पति स्व. रामकुमार टिकड़ा ने देहलां गांव में भाजपा का पौधा लगाकर कमल खिलाया था। शुक्रवार को जब उन्हेें अपने निष्कासन की खबर मिली तो उन्होंने प्रतिक्रिया में कहा कि हम भाजपा के थे, हैं और भविष्य में भी रहेंगे। कहा कि चंद चाटुकार किस्म के लोग पार्टी तोड़ने का काम कर रहे हैं और अपनी पुरानी सियासी रंजिश निकालने के लिए ऐसे प्रस्ताव पारित करवा रहे हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रही रमा टिकड़ा ने सवाल उठाया कि उन्हें तो डॉक्टरों ने बेड रेस्ट बताया है। वह घर से बाहर भी नहीं निकली, ऐसे में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कैसे हो सकती हैं। पूर्व प्रधान ने कहा कि उनके गांव में भाजपा के जिला प्रभारी, मंडल के पदाधिकारियों, बूथ कमेटी सदस्यों ने चुनावी बैठकें कीं, लेकिन उन्हें तो बैठकों की सूचना तक इन लोगों ने नहीं दी। टिकड़ा ने जिप सदस्य पंकज सहोड़ के इस फेहरिस्त में शामिल करने वालों पर हैरानी जताई। कहा कि जिला परिषद चुनावों में पंकज सहोड़ के खिलाफ काम करने वाले आज भाजपा के खास कैसे हो गए।
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प्रो. धूमल से की चर्चा
भाजपा नेत्री रमा टिकड़ा की मानें तो अपने निष्कासन के प्रस्ताव की खबर से आहत उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. धूमल से चर्चा की और प्रो. धूमल ने इस तरह की कार्रवाई पर खेद जताया। रमा टिकड़ा ने कहा कि प्रो. धूमल ने तो उनका हालचाल पूछा लेकिन उनको निष्कासित करवाने वाले स्थानीय भाजपा नेताओं ने दुख की घड़ी में उनका हाल तक पूछना मुनासिब नहीं समझा।
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