क्षेत्र के गांव बढेड़ा के किसानों में कृषि के लिए सिंचाई युक्त पानी न मिलने से खेत सूखे की चपेट में आ गए हैं। आईपीएच विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले तीन माह से सिंचाई योजना ठप पड़ी है। इसके चलते लोगों में विभाग के प्रति भारी रोष है।
ग्राम पंचायत अपर बढ़ेड़ा के प्रधान वीरू राम, पंच बख्शीश सिंह, मनोज कुमारी, सपना राणी, भजनी देवी, बख्शो देवी, प्रकाशो देवी, एकता ठाकुर, दीपिका, नीना, संतोष, विमला, रीना देवी, सोनिया, सुनीता, वीना ठाकुर, चरण सिंह, त्रिपता देवी, रजनी देवी, ऊषा देवी, आशा राणी, पुष्पा देवी, अनीता कुमारी, कृष्ण कुमार सहित अन्यों ने बताया कि क्षेत्र के नलकूप (संख्या 73 और 109) पिछले करीब तीन माह से बंद पड़े हैं, जिसके चलते क्षेत्र में खेतों को सिंचाई युक्त पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को अवगत करवाने के बावजूद समस्या का हल नहीं हो पाया है।
विभाग के कान में जूं तक नही रेंगी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की चार सौ कनाल के करीब भूमि बंजर होने की कगार पर है। उनको बिजाई की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि उनके ज्यादातर परिवार खेतीबाड़ी पर ही निर्भर हैं और ऐसे में आईपीएच विभाग के इस रवैये ने उनकी चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है। उन्होंने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग की है कि क्षेत्र के किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए संबधित विभाग के अधिकारियों को उचित दिशानिर्देश दिए जाएं। उधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ बीके शर्मा ने कहा कि मामले को लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।