ऊना। हरोली के बाद अब कुटलैहड़ क्षेत्र भी अब जल्द ही देश और प्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर अपनी पहचान बनाएगा। वन विभाग ऊना से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद बीते शुक्रवार को प्रस्तावित कुटलैहड़ औद्योगिक क्षेत्र की फाइल वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) की मंजूरी के लिए भेज दी है। अब एफसीए से हरी झंडी मिलते ही बौल उपरली (उपतहसील जोल) में चयनित भूमि पर सड़क, बिजली, पेयजल सहित आधारभूत ढांचा विकसित करने का काम शुरू होगा। इसके बाद उद्योगों को विकसित प्लॉट आवंटित कर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का नया दौर शुरू किया जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में 40 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे। इनमें करीब 25 उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उद्योग स्थापित होने के बाद कुटलैहड़ और आसपास के क्षेत्रों के करीब 5,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही परिवहन, होटल, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
बौल उपरली में करीब 300 कनाल (11.45.72 हेक्टेयर) भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। चयनित भूमि में वन भूमि शामिल होने के कारण एफसीए की मंजूरी लेना आवश्यक है। वन विभाग ऊना से एनओसी मिलने के बाद अब अंतिम स्वीकृति के लिए फाइल केंद्र सरकार के समक्ष भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही भूमि उद्योग विभाग के नाम हस्तांतरित होगी।
परियोजना के तहत सबसे पहले आंतरिक सड़कें, विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी सुविधाएं तैयार होने के बाद उद्यमियों को विकसित औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। बिजली बोर्ड, जलशक्ति विभाग और वन विभाग ऊना सहित अन्य विभागों की आवश्यक विभागीय मंजूरियां पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
कुटलैहड़ औद्योगिक क्षेत्र की फाइल को एफसीए की मंजूरी के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग