स्मार्ट कृषि, प्रदूषण नियंत्रण और आपदा सुरक्षित निर्माण के मॉडल पेश
विज्ञान से समस्याओं के समाधान की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना-1 में आयोजित 33वें जिला स्तरीय हिमाचल प्रदेश बाल विज्ञान मेले में करीब 300 विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने स्मार्ट कृषि, प्रदूषण नियंत्रण, जल रिसाव की पहचान, आपदा सुरक्षित निर्माण और आधुनिक परिवहन से जुड़े मॉडल व प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत कीं।
मेले का शुभारंभ जिला उपशिक्षा निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) सोम लाल धीमान ने किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय आसपास की समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने चाहिए।
प्रदर्शनी में स्मार्ट वाटर लीकेज एंड ड्रेन ओवरफ्लो डिटेक्शन सिस्टम, भूकंप-बाढ़ से सुरक्षित निर्माण, एयर पॉल्यूशन कंट्रोलर, कारखानों में प्रदूषण नियंत्रण, स्मार्ट कृषि, स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन और लाइफ सेविंग फ्यूचर टेक्नीक्स के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजीव ओहरी ने बताया कि विज्ञान आधारित स्किट प्रतियोगिता में 17 प्रस्तुतियां हुईं। अंडर-14 वर्ग में 36 और अंडर-17 वर्ग में 57 विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की। मैथ्स ओलंपियाड और साइंस एक्टिविटी कॉर्नर में 45-45, विज्ञान प्रश्नोत्तरी में 30 और इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य अमर सिंह, प्रधानाचार्य दिनेश कौंडल, मुख्य अध्यापिका निशा धीमान, लेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान शशि सैनी, विज्ञान अध्यापक संघ के अध्यक्ष चंद्रकेश धीमान, जिला प्रधान रमेश कुमार मेहरा, किशोरी लाल, संजीव कुमार, संजय वशिष्ठ और रजनीश धीमान मौजूद रहे।