ऊना। नगर निगम क्षेत्र में बनी प्रवासी बस्तियों और झुग्गियों में शौचालयों की कमी अब निगम प्रशासन के लिए बड़ी चिंता बन गई है। शहर में रह रहे करीब 700 प्रवासी परिवारों में से लगभग 300 झुग्गियों और अस्थायी बस्तियों में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है। स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाने का फैसला लिया है। निगम प्रशासन जल्द ही संबंधित भूमि मालिकों को नोटिस जारी करेगा। बस्तियों में शौचालयों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। निगम की टीम ने प्रवासी बस्तियों में जाकर सर्वे कर मौके के हालात को जाना। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर भूमि मालिकों को हर माह 1000 से 1500 रुपये किराया देकर अस्थायी झुग्गियों में रह रहे हैं। इनमें से कई स्थानों पर शौचालयों का अभाव है। मजबूरी में लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है जिससे आसपास गंदगी फैल रही है।
बरसात और गर्मी के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में जिन भूमि मालिकों ने अपने परिसर में रहने वाले लोगों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं की है, उनके खिलाफ निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में नोटिस जारी किए जाएंगे और निर्धारित समय में व्यवस्था दुरुस्त न करने पर जुर्माना भी लगेगा। सूत्रों के अनुसार निगम को लंबे समय से प्रवासी बस्तियों में स्वच्छता संबंधी शिकायतें मिल रही थीं। कई इलाकों में स्थानीय लोगों ने भी खुले में शौच और गंदगी को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस रिपोर्ट के आधार पर अब कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
निगम की तरफ से हाल ही में करवाए गए सर्वे में करीब 700 प्रवासी परिवारों को चयनित किया गया। इनमें से 300 के करीब परिवार बिना शौचालय के पाए गए। भूमि मालिकों को अब नोटिस भेजे जाएंगे।
-पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना