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Una News: आलू और सेब की फसल के लिए पहुंची 2450 टन 12-32-16 खाद

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प्रदेश भर में वितरित होगी खाद, आने वाले दिनों में जोर पकड़ेगी आलू की बिजाई
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जिले में 1000 हेक्टेयर के आसपास होती है आलू की चार माह वाली बिजाई


संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। आलू की चार माह वाली फसल और सेब उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। दोनों फसलों के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाने वाली 12-32-16 उर्वरक खाद की खेप प्रदेशभर के गोदामों में पहुंच चुकी है। इफको की ओर से सभी जिलों में आवश्यकता के अनुसार उर्वरक का वितरण किया गया है। प्रदेश में कुल 2450 टन 12-32-16 खाद की खेप आई है।
जानकारी के अनुसार ऊना जैसे मैदानी जिलों में इस समय आलू की चार माह वाली फसल की बिजाई की तैयारी चल रही है। आलू की फसल में बिजाई से पहले 12-32-16 खाद का छिड़काव किया जाता है। बेहतर पैदावार के लिए किसान डीएपी (डाया) खाद का भी उपयोग करते हैं। किसानों की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उर्वरक की खेप जारी की गई है।
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वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में सेब के पौधों के लिए भी इस खाद का उपयोग किया जाता है। उल्लेखनीय है कि जारी की गई कुल खेप में से 700 टन खाद अकेले ऊना जिले के लिए आवंटित की गई है, जबकि अन्य जिलों में भी मांग के अनुसार खाद भेजी गई है। किसानों सुरेंद्र कुमार, देसराज, दीपक सैनी, जसविंद्र सिंह और राजेश कुमार ने बताया कि आलू की फसल के लिए 12-32-16 खाद बेहद महत्वपूर्ण है। यह पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आलू की फसल जड़ों में तैयार होती है, इसलिए जड़ों की बेहतर वृद्धि के लिए डाया खाद का उपयोग जरूरी है। किसानों ने बताया कि जहां कुछ किसानों ने पहले ही खाद की व्यवस्था कर ली थी, वहीं कई किसान नई खेप का इंतजार कर रहे थे।
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इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक माशोक अहमद ने बताया कि किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए खाद की खेप जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी गोदामों में खाद उपलब्ध है और किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार इसकी खरीद कर सकते हैं।
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