टाहलीवाल (ऊना)।
औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में एक निजी उद्योग से निकल रहे गंदे पानी की उचित निकासी न होना आफत बना हुआ है। गंदे पानी की निकासी न होने से यह पानी लोगों के घरों के सामने से गुजर रहा है जिससे उनका जीना दूभर हो गया है। साथ ही दूषित पानी किसानों के खेतों में एकत्रित हो रहा है जिससे फसल बर्बाद होने की कगार पर है। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र हल नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
नगर पंचायत टाहलीवाल के निवासियों प्रदीप राणा, जोगिंदर सिंह, पूर्ण सिंह, दर्शना देवी, सौरव, गौरव, नरिंद्र, नवीन, भाग सिंह, चंचल सिंह, आशा देवी, मींदो देवी, दविंदर सिंह, मंजू राणा, रवि, सतपाल, लक्की ने बताया कि लंबे समय से उद्योग के गंदे पानी की समस्या जस की तस बनी है। इसकी निकासी के लिए कोई पक्का नाला नहीं बना है। इस वजह से उद्योग से निकलने वाला गंदा पानी लोगों के घरों से बाहर होकर गुजरता है। इससे लोगों में बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है।
नगर पंचायत टाहलीवाल के उपाध्यक्ष राज कुमार राजू ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। इसी सप्ताह औद्योगिक इकाइयों और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के साथ नगर पंचायत की बैठक कर समस्या का हल निकाला जाएगा। किसी भी शर्त पर गंदा जल निकासी मंजूर नहीं किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिशाषी अभियंता इंजीनियर सुशील धीमान ने कहा कि शीघ्र जांच के लिए टीम टाहलीवाल भेजी जाएगी। इस मामले पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।