ऊना। क्षेत्र के धमांधरी स्थित कॉसलाइट इंडिया टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड में काम कर रहे कामगारों का मांगों को लेकर गुस्सा आखिरकार फूट ही पड़ा। मंगलवार को सीटू के बैनर तले कामगारों ने श्रम विभाग के बाहर रोष प्रदर्शन किया। कामगारों ने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान उठाए हैं। सीटू के जिला सचिव कामरेड गुरनाम सिंह के नेतृत्व में वर्कर यूनियन के उपप्रधान परगट सिंह, लतीफ, रविकांत, करनैल सिंह, प्रवीण, रोहित सहित भारी संख्या में कामगारों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से काम कर रहे कामगारों का न तो किसी प्रकार का मानेदय बढ़ाया है और न ही कोई इंक्रीमेंट लगाया है। जबकि, कामगारों को पहचान पत्र, साप्ताहिक अवकाश, आकस्मिक छुट्टियां, मेडिकल अवकाश प्रदान किए जाएं। ईएसआई के कार्ड सभी कामगारों के बनाए जाएं। साथ ही सभी कामगारों को कानून के हिसाब से बोनस देने की मांग की गई। वर्ष में मौसम के अनुसार दो वर्दियां, सेफ्टी उपकरण और शूज भी दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टिगत महज नाममात्र ही सुविधा दी जा रही है। कंपनी के भीतर चिकित्सा सुविधा और दवाइयां, एंबुलेंस का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। प्रमोशन पॉलिसी भी लागू की जाए। कहा कि शिफ्टों में काम करने वाले कर्मचारियों को चाय तक नहीं दी जाती है। सभी कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता दस प्रतिशत दिया जाए। कामगारों का आरोप है कि इससे पहले भी श्रम विभाग के पास वे अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे लेकिन आज दिन तक कोई सकारात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। उन्होंने श्रम विभाग पर भी कंपनी के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। कामगारों ने कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो उनको मजबूरन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
उधर, श्रम विभाग के निरीक्षक नवीन कुमार ने कहा कि कंपनी के कामगारों और कंपनी के अधिकारियों को कार्यालय में बुलाया गया था। मामले को श्रम आयुक्त को भेजा जा रहा है। मामले को लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
क्या कहते हैं कंपनी के अधिकारी
कंपनी के एचआर मैनेजर सचिन का कहना है कि इंक्रीमेंट देना और न देना कंपनी के ऊपर निर्भर करता है। मामले को लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।