नारी (ऊना)। जिला ऊना में इस वर्ष बरसात के दौरान आई प्राकृतिक आपदा में कुटलैहड़ क्षेत्र में अधिक वर्षा के कारण लहासे, लोगों के रिहायशी मकान गिरने, बुनियादी ढांचे, सड़कों, पुलों, बिजली और पानी की भौतिक क्षति का नुकसान हुआ है।
इसके उपरांत नुकसान को पुरानी स्थिति में लाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा आकलन कर उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया था। विभागीय जानकारी के अनुसार कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के लिए 16 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
इस बजट के तहत क्षेत्र में हुए नुकसान का पुनर्निर्माण वैज्ञानिक ढंग से पूरा किया जाएगा। स्वीकृत राशि से क्षतिग्रस्त संपत्तियों का पुनर्निर्माण और उनकी मरम्मत करवाना, यातायात के साधनों को बहाल करना, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई योजना की आवश्यकता के अनुसार मरम्मत का पुख्ता प्रबंध करना भी शामिल है।
इसके तहत कई गांवों में भविष्य में आपदाओं से बचने के लिए पहले से बेहतर निर्माण के सिद्धांत पर कार्य शुरू हो गया है। इनमें नारी, झंबर, टक्का और गहरा कोठी में मरम्मत का कार्य चल रहे हैं। यहां राजमार्ग, संपर्क मार्ग, पुलों की मरम्मत, भू- स्खलन के कारण बंद रास्तों को खोलना शामिल है।
कहां मरम्मत की जरूरत है इसके लिए सरकारी इमारतों की जांच भी करवाई गई है। प्रशासनिक भवन, ट्रेनिंग सिस्टम और रिटेनिंग वॉल लगाना भी इसी में शामिल हैं।
प्रदेश सरकार के विशेष निर्देशों के तहत प्राकृतिक आपदाओं की तुरंत बहाली के लिए पांच लाख रुपये तक के टेंडर ऑफलाइन अधिशासी अभियंता जारी कर सकता है।
आपदा भरपाई के लिए बजट मंजूर करने और मरम्मत कार्य शुरू करने पर कुटलैहड़ क्षेत्र के लोगों में रवि कुमार, चरण सिंह, उर्मिला देवी, शिवपाल, सुमित कुमार, कृष्ण कुमार सहित अन्य ने शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
लोक निर्माण विभाग उपमंडल बसाल के सहायक अभियंता अभिनंदन कुमार ने कहा कि आपदा पश्चात आवश्यकता के अनुसार आकलन के उपरांत कुटलैहड़ के लिए 16 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है। जहां-जहां भी जरूरत है, वहां भविष्य में आपदा आने पर कोई नुकसान न हो इसे भी ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक ढंग से कार्य शुरू हो चुका है और लगातार जारी रहेगा।