ऊना। गोबिंद सागर झील में क्रूज और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने की योजना टेंडर प्रक्रिया के दौरान वेबसाइट में आई तकनीकी दिक्कत के कारण आगे नहीं बढ़ पाई। ऑनलाइन टेंडर भरते समय बिल ऑफ क्वांटिटीज (बीओक्यू) नहीं खुला। इसकी शिकायत टेंडर के लिए आवेदन करने वाले एक आवेदक ने कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसायटी ऊना से की। इसके बाद सोसायटी ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को समस्या से अवगत करवाया और इसका समाधान के लिए कहा गया। तकनीकी खामी दूर नहीं होने के चलते कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसायटी, ऊना ने टेंडर की प्रक्रिया को दोबारा से शुरू किया है। अब तकनीकी टेंडर 13 अक्तूबर को खोले जाएंगे।
बता दें कि सोसायटी ने इसस पहले भी क्रूज चलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया था लेकिन तीनों में से एक भी कंपनी टेंडर की शर्ताें को पूरा नहीं कर पाई। ऐसे में सोसायटी ने टेंडर की शर्ताें में बदलाव कर इसकी प्रक्रिया दूसरी बार शुरू की है। पहली बार के टेंडर में कंपनी की नेट वर्थ 50 कराेड़ की शर्त रखी गई थी। जिसमें बदलाव कर अब इसे 25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अब तकनीकी खामी के पेच से इसमें देरी हो रही है।
15 साल के लिए दिया जाना है संचालन का जिम्मा
कुटलैहड़ के अंदरोली में गोबिंद सागर झील के किनारे वॉटर स्पोर्ट्स और हॉस्पिटैलिटी गतिविधियां शुरू करने की योजना है। इसके तहत क्रूज संचालन के साथ पर्यटकों के लिए रात ठहरने की सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। योजना के अनुसार, चयनित ऑपरेटर को 15 साल के लिए इन गतिविधियों के संचालन का लाइसेंस दिया जाना है। इससे पर्यटकों को झील में सैर, जलक्रीड़ा और पानी के बीच ठहरने का अनुभव उपलब्ध करवाने की तैयारी है।
टेंडर की ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी खामी पेश आई है। इसे लेकर एनआईसी को भी अवगत करवाया गया। समस्या का सदाधान न होने पर अब टेंडर प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया गया है।
- इशांत जसवाल, एडीसी ऊना