अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले में 45 डिग्री का टॉर्चर शुरू हो गया है। पारा सात साल पहले के रिकॉर्ड तापमान के बिल्कुल करीब चल रहा है। जून के पहले दिन ही ऊना का पारा एकाएक चढ़ गया है।
भीषण गर्मी का प्रकोप असहनीय टॉर्चर जैसा हो गया है। शहर में दोपहर के समय कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो गए हैं। शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में सभी ओर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। शहर की मुख्य सड़कों पर कुछ बड़े वाहनों और गाड़ियां ही दिखाई दे रही हैं। दो पहिया वाहन कहीं गायब हो गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में अभी जिला में बारिश के आसार नहीं हैं। इससे लोगों की परेशानी में और इजाफा हो सकता है। शनिवार को ऊना का अधिकतम पारा 44.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। साथ ही न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
दोपहर के समय चल रही लू के थपेड़े लोगों के चेहरों को बुरी तरह से लाल कर रहे हैं। रमन कुमार, दया, कमल, रोहन, प्रिया, आशा, रीना ने बताया कि भयंकर गर्मी के कारण बच्चों में पानी की कमी की समस्या आ रही है। इससे वे बीमार हसे रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उन्हें कभी बीपी की समस्या नहीं आई थी, लेकिन गर्मी में बुजुर्गों के साथ-साथ उनका भी बीपी कम होने लगा है। मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि अगले कुछ दिनों में बारिश होने के नहीं हैं।
ज्यादा ठंडे से परहेज, सादा पानी पीएं : डॉ. अशोक
नंगल। गर्मी से नंगल का तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली विद्यार्थियों और धूप में काम करने वालों को झेलनी पड़ रही है। सूरज निकलने के साथ ही गर्मी का प्रकोप शुरू हो रहा है। लोग पूरा दिन चलने वाली गर्म हवाओं और तेज धूप के बचने के लिए हाथ-मुंह ढककर या धूप में छाता लेकर घरों से निकलते नजर आ रहे हैं। कड़ी धूप के कारण सड़कों पर आवाजाही भी कम हो गई है। दोपहर में तो सड़कों और बाजारों में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो जाते है। डॉ. अशोक शर्मा ने लोगों की सलाह दी है कि जरूरत होने पर ही घरों से निकलें। घर से बाहर जाना ही पड़े तो छाता लेकर चलें। उन्होंने लोगों से बर्फ वाला पानी, आइसक्रीम और बर्फ से बने सामान से परहेज ही करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पूरा दिन जम कर पानी पिएं लेकिन सादा पानी।