अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चुनावों का शोरगुल भी शांत हो गया। साथ ही अब सीटों की जोड़तोड़ पर बहस शुरू हो गई है। जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा-कांग्रेस के खाते में जाने वाली सीटों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। गली-मोहल्लों पर खड़े पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनमानस तक सभी में सीटों की स्थिति चर्चा का विषय बन चुकी है। हालांकि चुनावों के दौरान प्रचार में जुटे नेता, कार्यकर्ताओं सहित पार्टी कार्यालयों का संचालन करने वाले थिंक टैंक भी आरामगाहों में पहुंच कर थकान मिटाने में जुट गए हैं।
शुक्रवार सुबह से ही ग्रामीण और शहरी आंचलों में सियासी पार्टियों के छोटे से लेकर बड़े नेताओं के यहां कार्यकर्ताओं ने हाजिरी लगाई। कई स्थानों पर चर्चाओं के घंटों लंबे दौर भी चले। ऊना की सभी विस सीटों में स्थितियों पर चर्चाएं शुरू हुई। किस नेता का किस क्षेत्र में दबदबा और किस क्षेत्र में विरोध है, कौन सा मुद्दा किस नेता के लिए सकारात्मक है या नकारात्मक है, इस पर क्षेत्रवार वोटों के नफे नुकसान के आकलन किए गए। हालांकि चुनावों के फाइनल मैच का नतीजा 18 दिसंबर को ईवीएम खुलने के बाद ही आएगा लेकिन नेताओं और कार्यकर्ताओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।