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तीन करोड़ का वर्कशाप, सुविधाएं सिफर

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तीन करोड़ का वर्कशाप, सुविधाएं सिफर
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जल्दबाजी में करवाया निर्माण, शौचालय में पानी की भी नहीं व्यवस्था
एचआरटीसी के कर्मचारियों में रोष, 40 डिग्री तापमान में झुलस रहे कर्मचारी
आरएम दफ्तर भी चल रहा किराए के भवन में
रविंद्र कुमार
ऊना।
एचआरटीसी ने रामपुर में वर्कशॉप बनाने के लिए बेशक करीब तीन करोड़ खर्च किए लेकिन यहां सुविधाएं सिफर हैं। चुनाव से पहले विभाग ने वर्कशॉप का शुभारंभ आनन-फानन में करवा दिया जबकि इसका काम अधूरा था। अभी भी वर्कशॉप का काम पूरी तरह से नहीं हो पाया है जबकि इसे सुचारु किए लगभग छह महीने से अधिक समय बीत चुका है। जब से वर्कशॉप ऊना मुख्यालय से शिफ्ट होकर रामपुर गया है, तब से यहां कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी भी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास रोना रो रहे हैं लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि वर्कशॉप में काम करने वाले कर्मचारियों को पानी के लिए भी लड़ाई लड़नी पड़ी है। वर्कशाप में 250 के करीब कर्मचारी काम करते हैं जिनके लिए आईपीएच विभाग ने एक नल लगाया है जिसमें कभी कभार ही पानी टपकता है। पानी के लिए भी कर्मचारियों को नारेबाजी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद इनकी पेयजल समस्या हल हो सकी है। जिला में गर्मी बढ़ने और 40 डिग्री पार तापमान में कर्मचारियों को तपती टीन के नीचे काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्कशॉप के ढांचे को कर्मचारियों की सुविधाओं के हिसाब से तैयार नहीं किया गया है। इसमें गड़बड़झाले के भी आरोप लगाए हैं जिसकी जांच होनी चाहिए। वर्कशॉप में आने वाली बसों में जब सवारियां आती हैं तो पेयजल और शौचालय की सुविधा के लिए भटकती नजर आती हैं। यहां तक कि पुराने वर्कशॉप में कर्मचारियों की रिहायश के लिए बनाए क्वार्टर तोड़ दिए गए हैं। अब कर्मचारी-अधिकारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। वर्कशॉप से एचआरटसी का दफ्तर करीब तीन किलोमीटर दूर है जिससे कर्मचारियों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
शोपीस बने वर्कशॉप के शौचालय
एचआरटीसी वर्कशॉप रामपुर में बनाए शौचालय महज शोपीस का काम कर रहे हैं। वर्कशॉप में शौचालय की उचित सुविधा नहीं है। एक महिला और एक पुरुष शौचालय तो बनाया लेकिन यहां पर पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यहां आने वाले यात्रियों चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है जबकि स्वच्छता अभियान में धज्जियां भी उड़ रही हैं।
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किराए के भवन में चल रहा आरएम ऑफिस
वर्कशाप में समस्याओं के अंबार के बाद यहां आरएम ऑफिस भी किराए के भवन में चल रहा है। यह ऑफिस वर्कशाप से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कर्मचारियों को कामकाज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आरएम भी किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।
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आरएम ऊना संजीव विष्ट ने कहा कि वर्कशॉप में बोर करवा दिया गया है। पानी की सप्लाई सुचारु चल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा है। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी।
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